अर्की(सोलन)। आजादी के बाद करीब 70 साल पहले विधानसभा क्षेत्र अर्की में स्थापित होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर के लिए आज तक अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है। शालाघाट मार्ग पर अर्जुन खेल मैदान के नजदीक बनने वाले होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते अर्की क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सेंटर किराए के भवन में चल रहा है। इससे सरकार को राजस्व की चपत भी लग रही है।
जानकारी के मुताबिक निजी भवन का किराया 24 हजार रुपये प्रति माह है। सरकार सालाना 2 लाख 88 हजार भवन मालिक को अदा कर रही है। बटालियन ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास पांच दिसंबर 2017 को हुआ था। करीब चार साल बीतने के बाद भी भवन दस्तावेजों में ही घूम रहा है। सरकार ने अभी तक इसकी कोई सुध नहीं ली।
करीब 11 बीघा भूमि में करोड़ों की लागत से बनने वाले इस सेंटर की जमीनी स्थिति अभी तक जस की तस बनी हुई है। संबंधित विभाग की मानें तो ट्रेनिंग सेंटर का भवन बनाने को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। इसके चलते प्रस्तावित राशि में से दो करोड़ की राशि भी आनी सेंटर के लिए शिफ्ट कर दी गई। बीटीसी का यह दोमंजिला भवन करीब 11 करोड़ की लागत से बनेगा। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फैमिली क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। इसके चलते स्थानीय व्यापारियों को भी काफी लाभ मिलना था। यह बटालियन सेंटर वर्षों से अर्की में चलाया जा रहा है लेकिन इसे अभी तक अपना भवन नहीं मिल पाया। (संवाद)
लोगों की आपत्ति के चलते नहीं बन पाया भवन : शिव कुमार
कंपनी कमांडेंट शिव कुमार शर्मा ने बताया कि पंचायत के लोगों ने ट्रेनिंग सेंटर खोलने को लेकर आपत्ति जताई है। हालांकि स्थानीय प्रशासन और लोगों ने इसमें मध्यस्थता करने की कोशिश की। यदि ट्रेनिंग सेंटर खोलने को लेकर स्थानीय लोग अड़े रहे तो इसे अन्य जगह स्थानांतरित कर भवन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जल्द शुरू किया जाएगा निर्माण कार्य : उपाध्याय
भाजपा मंडल अध्यक्ष डीके उपाध्याय ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और सरकार ने भवन निर्माण के लिए प्रयास किया था। स्थानीय लोगों ने उस पर आपत्ति जाहिर की जिस कारण भवन नहीं बन सका। फिलहाल लोगों से बात की गई है और जल्द ही कार्य शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
वीरभद्र सिंह ने दिलाई थी करोड़ों की राशि : कश्यप
कांग्रेस के ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष सतीश कश्यप ने कहा कि पूर्व सीएम एवं विधायक स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने इस ट्रेनिंग सेंटर भवन के लिए करोड़ों का प्रावधान करवाया था। इसमें से कुछ राशि भी आ गई थी लेकिन सरकार इसे बनाने में नाकाम रही जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।