नड्डा ने कहा कि यह टीका देश में चल रहे सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल हो गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम है। इसमें सीआरआई अप्रैल तक 55 लाख डोज उपलब्ध करवाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत न केवल स्वदेशी वैक्सीन और दवा निर्माण में आत्मनिर्भर बन गया है, बल्कि 48 देशों को मुफ्त दे रहा है।
फार्मेसी में भारत लीडर ऑफ द वर्ल्ड के नाम से जाना जाने लगा है। वैक्सीन मैत्री में 100 से अधिक देशों में वैक्सीन पहुंचाई है। नड्डा ने कहा कि भारत तेजी से जीवन रक्षक दवाएं और वैक्सीन तैयार कर रहा है। टीडी वैक्सीन स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना की दिशा में ठोस कदम है। नड्डा ने कहा कि वैक्सीन के क्षेत्र में भारत लीडिंग मैन्युफेक्चरिंग और ग्लोबल बेंच मार्किंग में तीसरे स्तर पर है। देश में टिटनेस वैक्सीन आने में 25 से 28 साल लग गए। डिप्थीरिया वैक्सीन में कई वर्ष लगे हैं।
देश में पहला कोरोना का मामला जनवरी 2020 में आया और अप्रैल में ही पीएम मोदी ने टास्क फोर्स की बैठक बुलाकर नौ माह के भीतर दो वैक्सीन भारत को दी। अमेरिका जैसा समृद्ध देश कोरोना वैक्सीन में 50 व 60% पर रुक गया और भारत ने 100% वैक्सीन का लक्ष्य प्राप्त किया।
जीएमपी मानकों पर दवाइयां तैयार कर रहा सीआरआई : नड्डा ने कहा कि वैक्सीन उपलब्ध करवाने में सीआरआई का बड़ा योगदान है। इन संस्थानों के योगदान से घरेलू व वैश्विक दोनों जरूरतें पूरा करने की भारत की क्षमता मजबूत हुई है। सीआरआई गुड मैन्युफेक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) मानकों के तहत टीके बनाने वाला पहला सरकारी संस्थान है।