राष्ट्रीय स्वास्थ्य की दृष्टि से यह एक बड़ा कदम: नड्डा
इस अवसर पर जेपी नड्डा ने कहा कि यह हर्ष व गर्व का विषय है कि एक स्वदेशी वैक्सीन आज लाॅन्च हुई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य की दृष्टि से यह एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। भारत ने दवाओं व वैक्सीन बनाने के मामले में विश्व में अपने आप को स्थापित किया है। नड्डा ने कहा कि सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में 2026 में सीआरआई कसाैली का टेटनस व डिप्थीरिया के 55 लाख डोज का योगदान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीआरआई कसाैली के काम के आकार को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए संस्थान के कर्मचारियों, अधिकारियों का सहयोग अपेक्षित है। इस दाैरान स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त निदेशक विजय नेहरा, अतिरिक्त डीजीएचएस डाॅ. पी जोशी, सीआरआई कसाैली की निदेशक डिंपल कसाना भी माैजूद रहीं।
यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन कार्यक्रम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि हमारा यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन ड्राइव है। 12 रोकी जा सकने वाली बीमारियों से बचाने के लिए 11 तरह की वैक्सीन बनाई जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग कोई छोटा काम नहीं कर रहा, यह बड़ा काम कर रहा है। यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम है।