मरने के बाद भी अरविंद कुमार किसी के आंगन में रोशनी फैला गया। अब तक अंधेरे में जिंदगी बसर कर रही बच्ची अब अरविंद की बदौलत दुनिया देख सकती है। यही नहीं दुनिया को अलविदा कहने से पहले अरविंद यह संदेश भी दे गया कि जज्बा हो तो मरने के बाद भी आप समाज सेवा में हाथ बंटा सकते हैं।
दरअसल अर्की के अरविंद कुमार को पांच दिन पहले अचानक पेट में दर्द उठा, इस कारण उसे तुरंत पीजीआई ले जाया गया, जहां बुधवार सुबह उनका निधन हो गया। इसके बाद उनकी दोनों आंखों को एक बच्चे को प्रत्यारोपित किया गया। अब यह बच्चा भी दुनिया देख सकेगा।
भाजयुमो की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य सोनू सोनी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अरविंद कुमार (25) उनका चचेरा भाई था। अरविंद कुमार को 5 दिन पहले ही पेट दर्द की शिकायत पर पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया था जहां उन्होंने बुधवार सुबह दम तोड़ दिया। स्वर्गीय अरविंद कुमार के पिता किशन ने बताया कि उनके बेटे की दोनों आंखें दान कर दी हैं।
पीजीआई के चिकित्सकों ने इन आंखों को एक बालक को लगा दिया। अब यह बालक दुनिया देख सकेगा। अरविंद कुमार कॉलेज के दिनों में अभाविप के सक्रिय सदस्य रहे हैं। अर्की शमशान घाट में सैकड़ों नगर वासियों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। न वहीं दूसरी तरफ उनके निधन पर विधायक गोविंद शर्मा, पार्षद आशा परिहार, मंडल अध्यक्ष बाबूराम पंवर, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्षा प्रभा भारद्वाज, नवीन गुप्ता, रमन सूद, नरेंद्र गुप्ता, हंसराज गुप्ता और अनीता गुप्ता सहित अन्य कई कार्यकर्ताओं तथा अर्की के नागरिकों ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। इन सभी ने स्व.अरविंद कुमार की आत्मा की शांति की प्रार्थना के साथ ही शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनायें प्रकट की हैं।