नालागढ में पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सक बैठक में भाग लेते हुए। संवाद
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बद्दी (सोलन)। बद्दी के साथ लगते गांव में मुंह और खुर की बीमारी फैली है। दर्जनों पशुपालकों के पशु इसकी चपेट में आए हैं। इस बीमारी से पशु चल-फिर नहीं पा रहे हैं, बुखार और मुंह दुखने से वह चारा नहीं खा पा रहे हैं। लंडेवाल के एक पशुपालक की गाय बीमार से मर गई है।
बद्दी के शीतलपुर, लंडेवाल, केंदूवाल, कल्याणपुर, गुल्लरवाला आदि गांवों में पशुओं में मुंह और खुर की बीमारी ने पांव पसार लिए हैं। शीतलपुर के कर्मचंद की भैंस, गुलजार मोहम्मद, गणीखान, याकुब खान, रामलोक के पशु बीमारी की चपेट में हैं।
लंडेवाल के प्रीतम सिंह की गाय मुंह-खुर की बीमारी से मर गई। इसी गांव के नंबरदार दीपू कुमार, दर्शन सिंह, चंद कुमार, केंदूवाल के श्याम लाल और सोमनाथ के पशु-मुंह खुर की बीमारी से ग्रस्त है। गुल्लरवाला से रामलोक की भैंस भी बीमार है।
शीतलपुर के कर्मचंद ने बताया कि उसकी भैंस पिछले तीन दिनों से चारा नहीं खा रही है। बुखार 102 से ऊपर है और भैंस के खुर भी फटने लगे हैं जिससे वे चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। विभाग से गांव में कोई भी टीकाकरण करने नहीं आया है।
उधर, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश भट्टी ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। वह जल्द ही पशु चिकित्सकों की टीम को प्रभावित गांवों में जांच के लिए भेजेंगे। यह वायरल है जो बरसात में ज्यादा फैलता है। पशुपालकों को घबराने की जरूरत नहीं है। दवाई लेने के बाद उनके मवेशी तीन से पांच दिन में ठीक हो जाएंगे।