बद्दी (सोलन)। औद्योगिक राजधानी बीबीएन के तहत करीब 5 लाख लोगों की सुरक्षा का जिम्मा चंद पुलिस कर्मियों के हवाले है। जिला पुलिस के पास एसपी समेत 305 पुलिस कर्मी हैं, लेकिन इस क्षेत्र का आपराधिक ग्राफ प्रदेश के अन्य पुलिस जिलों की अपेक्षा सर्वाधिक है।
जिला पुलिस सोलन के पास भी 700 से अधिक पुलिस कर्मी हैं, जबकि वर्ष 2009 में जिला सोलन से अलग हुए जिला पुलिस बद्दी के पास नाममात्र पुलिस कर्मी हैं। इतने कम पुलिस कर्मियों के हाथों में बीबीएन की सुरक्षा का जिम्मा है, जिन्होंने बार्डर इलाकों में निगरानी सहित अपराधों पर लगाम कसनी है। यदि जनसंख्या की बात करें तो बीबीएन के तहत नालागढ़ व दून में 1.40 लाख वोटर हैं, जबकि प्रवासी कामगारों की संख्या का डेढ़ से दो लाख तक अनुमान लगाया जाता है। हिमाचल के कोने कोने से भी रोजगार की तलाश में यहां लोग आए हैं और स्थानीय आबादी में भी इजाफा हुआ है। पुलिस जिला के पास अर्की व धर्मपुर क्षेत्र का कुछ हिस्सा आता है और ऐसे में करीब पांच लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा चंद पुलिस कर्मियों के पास है।
अपराधों की गिनती की जाए तो हत्या, लूटपाट, गोलीकांड, बैरियरों पर मर्डर, सिमी कार्यकर्ता की यहां दस्तक, यूएनओ मिशन के सिक्योरिटी गार्ड को बंधक बनाकर यहां लाना, पंचकूला में ब्यूटीपार्लर की हत्या के बाद आरोपियों का नालागढ़ में पनाह लेना, शव रखकर बीबीएन की सड़कों पर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करना, प्रदर्शन के दौरान पुलिस बस व जीप को फूंकना, वाहनों से लोगों की जमापूंजी लूटना सहित ऐसी अनगिनत वारदातें हैं जिन्हें रोकने के लिए पुलिस का कद छोटा पड़ गया है।
जिला पुलिस प्रमुख राहुल नाथ ने कहा कि पुलिस बखूबी ढंग से अपना काम कर रही है। स्टाफ की कमी को लेकर विभाग के साथ पत्राचार किया गया है।
वर्ष 2009 में जिला पुलिस सोलन से अलग करके जिला पुलिस बद्दी बनाकर अपराधों को रोकने के लिए पहल की गई। लेकिन आलम यह है कि लाहौल-स्पीति जितने 200 पुलिस कर्मी यहां तैनात हैं, जबकि यह क्षेत्र पड़ोसी राज्यों पंजाब व हरियाणा की सीमाओं से सटा हुआ है। हत्याकांड व गोलीकांड की अनगिनत वारदातों से लोग अपनी जान व माल की सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं।