बद्दी (सोलन)। बीबीएन अपराधियों की खैर नहीं। यहां से अपराध कर बच निकलना अब मुश्किल हो गया है। बद्दी पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे को गूगल मैप से जीओ टैगिंग कर अपराधियों को पकड़ने का नायाब तरीका खोजा है। पुलिस की यह खोज पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है।
बद्दी पुलिस को इसके लिए राष्ट्र स्तर पर सिल्वर मेडल भी मिल चुका है। अभी तक पुलिस ने 220 ऐसे मामले सुलझाए हैं जिसमें 17 मर्डर सहित डकैती व अन्य बड़े मामले शामिल थे। जुर्म के बाद अपराधियों ने कोई सुबूत पीछे नहीं छोड़े थे। दो दिन पहले दवा कंपनी में तैनात एक महिला कर्मी के साथ दुराचार करने वाला आरोपी भी इसी तकनीक से पकड़ा है।
पुलिस ने बीबीएन क्षेत्र में 21 सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इस तीसरी आंख से बचना अपराधियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सीसीटीवी कैमरे को गूगल मैप से जोड़कर जीओ टैगिंग की है। इसके साथ सीसीटीवी ने एक मैट्रिक्स डाटा तैयार किया है।
जिस स्थान पर अपराध होता है तो पुलिस सबसे पहले वहां से सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन ट्रेस करती है। उसके बाद जो घटना स्थल के सबसे नजदीक के कैमरे हैं, उन कैमरों की फुटेज खंगाली जाती है। फुटेज के आधार पर चोर आसानी से पकड़े जा रहे हैं।
पुलिस की इस विशेष टीम में मुख्य आरक्षी प्रवीण, आरक्षी रोहित, संदीप व होमगार्ड जवान सुनील शामिल हैं। यह टीम दूसरे जिलों में भी अपराधियों को पकड़ने में सफल रही है। कांगड़ा में सुनार के डेढ़ करोड़ के जेवर और ऊना में शराब ठेकेदार से डकैती के आरोपियों तक बद्दी पुलिस ही पहुंची थी। दून भाजपा के उपाध्यक्ष कृष्ण कौशल, हरनेक ठाकुर, दीपू पंडित, बेअंत ठाकुर ने कहा कि अब बद्दी पुलिस को चकमा देना चोरों के बस की बात नहीं है। इससे सभी लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि बद्दी पुलिस साइबर अपराध सुलझाने में अच्छा कार्य रही है। दूसरे जिलों के लिए भी यह मॉडल बन गई है। यहां पर तैयार ट्रैकिंग सिस्टम दूसरे जिलों में लागू किया जा रहा है। बद्दी पुलिस को ई-गवर्नेंस में राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर मेडल भी प्राप्त हो चुका है।