संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शिक्षक ही विद्यार्थी का एक बेहतर मार्गदर्शक है। इस बात को एक सरकारी स्कूल के शिक्षक चरितार्थ भी कर रहे हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ-साथ उनके लिए बेहतर भविष्य चुनाव के लिए विषय चुनाव की भी काउंसिलिंग कर रहा है।
विज्ञान संकाय के प्रवक्ता घनश्याम शर्मा ने यह बीड़ा उठाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में घर-द्वार सहित ग्राम सभाओं में जाकर विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए विषय के चयन करने से लेकर अन्य अहम बातों को जानकारी देकर सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की भी अपील कर रहा है। अभिभावकों व बच्चों की काउंसिलिंग के बाद उनके स्कूल में बच्चों की संख्या भी बढ़ी है।
इससे पहले कोविड संकट के बीच उन्होंने अपना यह अभियान जारी रखा। इससे विद्यार्थियों को विषय चुनाव भी आसान हो गया। इसी प्रेरणा से निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने सरकारी में दाखिला लिया है।
इससे पहले वह जिला मुख्यालय के साथ ओच्छघाट स्कूल में तैनात रहे। वर्तमान वह देवठी स्कूल में सेवाएं दे रहे हैं। ओच्छघाट स्कूल के विज्ञान संकाय में छात्रों की संख्या में बीते साल के मुकाबले डेढ़ गुणा वृद्धि हुई है। पिछले साल स्कूल के विज्ञान संकाय में 28 विद्यार्थी थे। इस वर्ष अभी तक जमा एक में 37 ने प्रवेश लिया है।
घनश्याम शर्मा ने बताया कि दसवीं के बाद छात्रों को विषय चुनने में बड़ी परेशानी से जूझना पड़ता है। ऐसे में सही राह पर चलने के लिए प्रेरित करने से छात्र का भविष्य बेहतर बन सकता है। उन्होंने बताया कि कोविड संकट के बीच छात्रों की पढ़ाई जारी रखना बड़ी चुनौती थी। इसके लिए अध्यापकों ने सहयोग किया और नोट बनाकर बच्चों को भेजे। विज्ञान संकाय के छात्रों को घर तक पाठ्य सामग्री पहुंचाई।