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श्रीकृष्ण मंदिर पहुंचे 800 साल पुराने धार्मिक अवशेष

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श्रीकृष्ण मंदिर सोलन में दर्शन के लिए स्थापित किए गए श्रीचक्रधर स्वामी से संबंधित 800 साल पुराने अ? - फोटो : SOLAN
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सोलन। ईश्वर का अवतार माने जाने वाले महानुभाव पंथ के संस्थापक श्रीचक्रधर स्वामी से जुड़े 800 वर्ष पुराने धार्मिक अवशेष सोमवार को श्रीकृष्ण मंदिर सोलन पहुंचाए गए। श्रीचक्रधर स्वामी के अनुयायी अब मंदिर में इनके दर्शन कर पाएंगे।
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श्रीकृष्ण मंदिर सोलन ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव कोहली सहित श्रद्धालुओं ने महाराष्ट्र से इन अवशेषों को लेकर पहुंचे पूज्य कारेंजकर बाबा का भव्य स्वागत किया। इस मौके पर उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी सहित सोलन के एसपी वीरेंद्र शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण व बाबा का आशीर्वाद लेकर प्रसाद ग्रहण किया।
श्रीचक्रधर स्वामी से संबंधित अवशेषों में प्रभु की दाढ़ यानी दांत का हिस्सा, फोड़ (सुपारी की टुक), वांकी यानी श्रीचरणों का चांदी का अलंकार, फोफल फोड़ना (लोहे की पत्ती) और ताट (विशेष भोजन थाल) शामिल है। इस मौके पर बाबा कारेंजकर स्वामी ने श्रद्धालुओं को प्रवचन और भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलने का अनुग्रह किया। इस मौके पर पूना से बाबा कापूसनेकर मौजूद रहे।
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राजीव कोहली ने बताया कि 2019 में श्रीकृष्ण मंदिर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी दर्शन के लिए आ चुके हैं। कोविड से कार्यक्रम सादे अंदाज में पूरे श्रद्धा भाव से किया गया। श्री चक्रधर स्वामी 12वीं शताब्दी के एक तत्वज्ञ, समाज सुधारक और महानुभाव पंथ के संस्थापक थे।
महानुभाव धर्मानुयायी उन्हें ईश्वर का अवतार मानते हैं। इस मौके पर सचिव सतीश साहनी और ट्रस्टी गुलशन जग्गी, अमरनाथ चंदोक और संचालक नरेंद्र मुनि मौजूद रहे।
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