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यूक्रेन में फंसे जिले के 16 विद्यार्थी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन/बद्दी (सोलन)। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों की चिंताए ंबढ़ती जा रही हैं। जिले में अभी भी 16 विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे हुए हैं और परिजन सरकार से उन्हें वापस लाने का आग्रह कर रहे हैं। हालांकि एक छात्रा वीरवार देर शाम यूक्रेन से भारत लौट आई है। परिवार के लोग लगातार बच्चों से संपर्क कर माहौल की जानकारी ले रहे हैं। वहीं दिन भर प्रशासन भी यूक्रेन में फंसे लोगों का डाटा एकत्र किया गया है।
जानकारी के अनुसार बीबीएन के 12, सोलन से दो और अर्की ब्लॉक से तीन विद्यार्थी फंसे हुए हैं। नालागढ़ के राजपुरा गांव के आर्यन ठाकुर पुत्र भूपेंद्र सिंह रंगवाल यूक्रेन के टरनोपिल नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रहे हैं। यहां के हालात खराब होते देख छात्र ने 28 को भारत की वापस के टिकट बुक करवाई थी।
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किरपाल के अमर सिंह बेटी अंकिता परमार, फौजी कॉलोनी किशनपुरा के शमशेर सिंह चौहान की दो बेटियां दीक्षा चौहान और अर्युशी चौहान, बद्दी के ओमेक्स में रहने वाली कनिका अग्निहोत्री पुत्री राम लाल भी यूक्रेन के गोगला 101, नावा पोस्टा में फंस गई है।
बद्दी की थाना पंचायत के भूपनगर की कृति पुत्री रामलाल, मानपुरा की प्राची ठाकुर पुत्री संजीव कुमार, बद्दी के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की आकांक्षा गुप्ता पुत्री राकेश गुप्ता, साईं के खड़सी की आस्था यूक्रेन में एमबीबीएस करने गई हुई है।
इसके अलावा तीन अन्य छात्र फ्लाइट बंद होने से फंस गए हैं। इसमें बद्दी के हरिपुर संडोली के भजन सिंह का बेटा रविंद्र कुमार, बद्दी के डॉ. मुकेश मल्होत्रा का बेटा, बद्दी थाना के प्रभारी दया राम ठाकुर के बेटे परिक्षित ठाकुर भी यूक्रेन में फंस गए हैं।
अर्की उपमंडल के तीन बच्चों के फंसे होने से अभिभावक परेशान
उपमंडल अर्की के यूक्रेन गए छात्रों के अभिभावक युद्ध की खबर से परेशान हैं और परिजनों ने बच्चों की जानकारी लेना शुरू कर दी है। यूक्रेन में फंसे छात्रों में डुमैहर से अवंतिका पाल पुत्री शमशेर पाल, कुनिहार के स्यांवा गांव से अंशुल चौहान पुत्र राजेश चौहान व जयनगर की प्रियांशी ठाकुर पुत्री संजय वर्मा शामिल हैं। विद्यार्थियों के परिजनों ने बताया कि उनके बच्चे फिलहाल सुरक्षित हैं। उधर, कार्यकारी एसडीएम मयंक शर्मा ने बताया कि तीनों बच्चों के परिजनों से बात की जा रही है तथा एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए तीनों छात्र फिलहाल सुरक्षित हैं।
युद्ध के चलते यूक्रेन में फंस गया आयुष
यूक्रेन में गोलीबारी के चलते आयुष फंस गया है। वीरवार शाम को आयुष की फ्लाइट थी। जैैसे ही सुबह रूस ने अटैक किया तो यूक्रेन से आने वाली सभी उड़ानों को अचानक रोक दिया। इस कारण आयुष का भारत आना रद्द हो गया। आयुष के माता पिता सुबह से ही बेहद चिंतित है। वह अपने बेटे से बात नहीं कर पा रहे थे। तेजिंद्र यादव ने बताया कि उनका बेटा भारत की फ्लाइट लेने के लिए यूनिवर्सिटी से कीव के लिए निकल चुका था। जब वह एयरपोर्ट से कुछ किलोमीटर दूर था तो रूस ने कीव पर हमला बोल दिया। उनके बेटे को वहां की फौज ने बीच में ही रोक दिया।
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यूक्रेन से भारत लौटीं नितिका वालिया
सुबाथू की रहने वाली नितिका वालिया यूक्रेन से सुरक्षित भारत लौट आई हैं। नितिका वालिया के पिता मुकेश वालिया ने बताया कि वह सुबह करीब छह बजे चली थी। फ्लाइट देरी से आने के चलते वह करीब साढ़े सात बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची हैं। उन्होंने सरकार का धन्यवाद किया है।
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