बद्दी (सोलन)। कार्तिक माह के शुक्ल की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला छठ पर्व सोमवार से शुरू हो जाएगा। इस पर्व के लिए पूर्वांचल जन कल्याण समिति की से छठ घाट का रविवार को पूरी तरह से साफ करके उसमें पानी भर दिया गया है।
इस दौरान घाट पर दस हजार से अधिक लोग छठी माईया के दिन 10 नवंबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे और 11 की सुबह को उगते सूर्य के अर्घ्य देने के बाद इस उपवास को संपूर्ण करेंगे। लोगों की मानता है कि इस उपवास से लोगों को मनोकामना पूरी होती हैं।
सोमवार को नहाय-खाय का दिन होगा। इस दौरान छठ मईया का उपवास करने वाले लोग पवित्र जल में स्नान करते हैं। जलाशय में स्नान शुभ माना जाता है। अगर ऐसा संभव न हो तो घर में पानी में गंगाजल डाल कर स्नान कर उसके बाद सात्विक भोजन करने के उपवास शुरु हो जाता है। जो 11 नवंबर तक चलेगा।
इसके लिए उपवास करने वाले लोग हर प्रकार की व्यंजन घर में तैयार करते हैं और उसके साथ-साथ ऋतु फल के अलावा सभी प्रकार के फलों को सूप में रखकर पानी में खड़े होकर सूर्य भगवान की प्रार्थना की जाती है। तीन दिन तक चलने वाला यह व्रत काफी कठिन होता है लेकिन छठी मइया की कृपा से अधिकांश लोग इस उपवास को हंसी खुशी पूरा कर लेते हैं।
पूर्वांचल जन कल्याण समिति के सलाहकार परमहंस द्विवेदी ने बताया कि सन सिटी मार्ग पर बालद खड्ड के किनारे छठ घाट को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है। इस घाट पर दस हजार से अधिक लोग डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे।
उन्होंने बताया कि पूर्वांचल के जो लोग अपने घर नहीं जा सकते हैं, उनके लिए घर जैसी व्यवस्था जन कल्याण समिति करने का प्रयास करती है। इस वर्ष कोविड संक्रमण के चलते किसी प्रकार के कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं किए जा रहे हैं।
कोविड नियमों का पालन कर इस उपवास को पूरा करेंगे। घाट पर सफाई अभियान में समिति के अध्यक्ष सत्य पांडे, पिंटू सिंह, धनेश गुप्ता, डीके मिश्रा, राजेश, राजू वर्मा, राम तिवारी, सुरेश कुमार, रविंद्र कुमार मौजूद रहे।