ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि नौणी विवि की डॉ. आशु चंदेल की अगुवाई में चार शिक्षक नोटिस का कारण पूछने के लिए वीसी कार्यालय पहुंचे। उनके कार्यालय के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्होंने रोक दिया। इसका शिक्षकों ने विरोध किया। शिक्षक वीसी से मिलने के लिए अड़े रहे। यहां तक कि वे वीसी के इंतजार में उनके कार्यालय के बाहर ही कुर्सी लगाकर बैठक गए। वहीं वीसी ने अपने कमरे को भीतर से बंद कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए विवि प्रशासन ने पुलिस बुला दी। पुलिस के समझाने के बाद सभी शिक्षक वहां से अपने कार्यालय की ओर चले गए।
नौणी विवि प्रशासन का ये आरोप
नौणी विवि के पांच शिक्षक डॉ. आशु चंदेल, डॉ. सुभाष शर्मा, डॉ. रंजना, डॉ. राकेश शर्मा और डॉ. निधिश गौतम भी राज्यपाल के कार्यक्रम में गए थे। नौणी विवि प्रशासन का आरोप है कि यह पांचों शिक्षक विवि में आंदोलनरत छात्रों को उकसाकर राज्यपाल से मिलाने के लिए ले गए थे। हालांकि, शिक्षकों ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इसको लेकर ही सभी शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। शिक्षकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वीसी ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया तो वे विवि के चांसलर व प्रदेश के राज्यपाल से मिलेंगे।
राज्यपाल के कार्यक्रम में छुट्टी वाले दिन गए थे : डॉ. आशु
शिक्षक डॉ. आशु चंदेल ने बताया कि वह राज्यपाल के कार्यक्रम में छुट्टी वाले दिन गए थे। उन्हें इसके लिए आमंत्रित किया गया था। वह सोमवार को नोटिस का कारण पूछने के लिए वीसी से मिलने के लिए गए थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। उधर, नौणी विवि के वीसी डॉ. एचएस बवेजा ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे के आसपास जब उनके कार्यालय के बाहर हंगामा हो रहा था तो उन्होंने सुरक्षा अधिकारी को बुलाया और पूछा कि बाहर क्या हो रहा है। इस पर उन्होंने बताया कि दरवाजा बंद कर लो, ऐसा न हो कहीं यह लोग आप पर हमला कर दें। वीसी से मिलने की एक प्रक्रिया होती है। दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस अब अपना काम कर रही है।
आंदोलनरत विद्यार्थियों से मिलने पहुंचे वीसी
नौणी विवि में पिछले एक सप्ताह से विद्यार्थी 11 मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वहीं सोमवार देर शाम कुलपति पहली बार आंदोलनरत विद्यार्थियों से मिलने पहुंचे और उनकी सभी मांगों को मानने का आश्वासन दिया। इसमें रजिस्ट्रार को हटाने के आदेश भी वापस लेने की मांग मानी। हालांकि अभी तक लिखित में कुछ नहीं दिया। एबीवीपी का आरोप है कि यदि कल तक आदेश नहीं आए तो आंदोलन जारी रहेगा।