वहीं ज्यादातर डिफाल्टरों ने मौके पर एकमुश्त भुगतान के लिए भी हामी भरी। उन्होंने कहा कि वह एक से दो माह में इसकी सेटलमेंट कर देंगे। बुधवार को अदालत में सबसे बड़ा दो करोड़ रुपये के ऋण का डिफाल्टर भी पहुंचा था। इसकी संपत्ति अटैच करने के लिए बैंक को आदेश दिए गए। इसके अलावा गारंटरों की संपत्ति की जांच के लिए भी बैंक को आदेश जारी किए गए। इसमें अब बड़े डिफाल्टरों के साथ गारंटरों की संपत्तियां भी अटैच करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, यदि वह जल्द ही सेटलमेंट कर देते हैं तो गारंटरों की संपत्तियां नीलाम होने से बच सकती हैं। अभी तक दो दिनों की कार्रवाई में 25 के करीब डिफाल्टरों की संपत्तियां जब्त कर दी गई हैं। जबकि 3.30 लाख रुपये अदालत में डिफाल्टरों ने जमा करवाए हैं। साथ ही कुछ सरकारी कर्मचारियों की सैलरी भी अटैच की गई हैं। दूसरे दिन पहुंचे कई गारंटरों ने आरोप लगाए कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनसे लोन के लिए साइन करवाए जा रहे हैं। कुछ ने कहा कि उन्हें लोन की राशि कम बताई गई थी, जबकि अब उन्हें असल राशि का पता चला है।