नाहन (सिरमौर)। हफ्तेभर से अव्यवस्थाओं के लिए चर्चा में रही मेडिकल कॉलेज नाहन की गायनी ओपीडी को जल्द दो विशेषज्ञ चिकित्सक डेपुटेशन पर मिलेंगे। लिहाजा, चिकित्सकों के कार्यभार संभालने के बाद ओपीडी में गर्भवती महिलाओं को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव ने दोनों चिकित्सकों को जल्द मेडिकल कॉलेज नाहन में पदभार संभालने के निर्देश जारी किए हैं। इसकी प्रति मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भी मिल चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों चिकित्सकों के पदभार संभालने केे बाद व्यवस्था पटरी पर लौटेगी।
महिलाओं को उपचार बगैर यहां से लौटना नहीं पड़ेगा। इस तरह की स्थिति मेडिकल कॉलेज में बनी हुई है, उससे महिला मरीजों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में समय गायनी वार्ड भी खाली चल रहा है। इसके साथ-साथ ओटी व इमरजेंसी की सेवाएं भी बाधित हो रही हैं।
बता दें कि यहां तीन गायनी विशेषज्ञ तैनात हैं। पिछले कुछ दिन से दो विशेषज्ञ अवकाश पर चल रहे हैं। शेष एक विशेषज्ञ यहां सेवाएं दे रहे हैं लेकिन काम के बोझ के चलते उन्हें भी दूसरे या तीसरे दिन अवकाश लेना पड़ रहा है। ‘अमर उजाला’ ने इस परेशानी को प्रमुखता से उठाया। लिहाजा, सरकार ने यहां आईजीएमसी शिमला में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश्वर ज्योति को एक महीने के लिए और बिलासपुर से स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम शर्मा को तीन महीने के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन में प्रतिनियुक्त किया है। यदि ये दोनों विशेषज्ञ चिकित्सक कार्यभार संभाल लेते हैं तो मेडिकल कॉलेज में पांच स्त्री रोग विशेषज्ञ हो जाएंगे।
गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से मेडिकल कॉलेज की गायनी ओपीडी में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। सप्ताह में तीन दिन तो ओपीडी बंद ही रही। शेष दिन एक चिकित्सक ने मरीजों का उपचार किया। इस बीच प्रशिक्षु शिक्षकों ने ही ओपीडी को संभाले रखा।
मेडिकल कॉलेज नाहन के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कक्कड़ ने बताया कि आईजीएमसी शिमला से एक महीने और बिलासपुर से तीन महीने के लिए प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सकों को डेपुटेशन पर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। ये चिकित्सक जल्द ही कार्यभार संभालेंगे। गायनी ओपीडी में स्वास्थ्य सेवाएं अब बेहतर होंगी।