कमरऊ जिला परिषद वार्ड-6 में इस बार मुकाबला तिकोना है। ऐसे मेें इस बार महासंग्राम होने की उम्मीदें हैं। भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच तीसरा उम्मीदवार आने से कड़ी टक्कर होगी। पिछली बार इस सीट पर भाजपा समर्थित बलबीर चौहान ने जीत हासिल की थी। इस बार कमरऊ सीट पर कड़े संघर्ष के कयास लगाए जा रहे हैं। पांवटा विधानसभा क्षेत्र की आठ और शिलाई विस क्षेत्र की चार पंचायतें इस वार्ड में आती हैं।
इनमें साढ़े 25 हजार से अधिक मतदाता हैं। साढ़े 13 हजार पुरुष और 12 हजार महिला मतदाता मैदान में उतरे तीनों प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। कमरऊ जिला परिषद वार्ड में शिलाई विधानसभा क्षेत्र की चार पंचायतें है। इसमें कमरऊ पंचायत में 3304, सतौन पंचायत में 3143, पौका में 1963 व बढ़वास में 1675 मतदाता हैं। पांवटा विस क्षेत्र की आठ पंचायतों में अंबोया में 1750, बनौर में 1485, बढ़ाना में 1934, डांडा कालाआंब में 1426, नघेता में 2080, राजपुर में 1890, शिवा में 1586 और डांडा पंचायत में 3158 मतदाता हैं।
कमरऊ जिला परिषद सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। पांवटा विस क्षेत्र से ही भाजपा समर्थित रंगीलाल तथा कांग्रेस समर्थित बाल किशन मैदान में हैं। शिलाई विस क्षेत्र के कमरऊ निवासी खेवटा राम भी मैदान में है। वह स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीति में कूदे हैं। मुकाबले में दोनों ही मुख्य पार्टी प्रत्याशियों के कुछ पंचायतों में समीकरण खराब करेंगे।
क्षेत्र के विकास की राजनीति करेंगे : रंगीलाल
भाजपा समर्थित प्रत्याशी रंगीलाल वर्तमान में ग्राम पंचायत बढ़ाणा के प्रधान हैं। राजनीति में अनुभवी है। पंचायत प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़ी पंचायतों में विकास, रोजगार और किसान हितों के लिए कार्य करेंगे। आंजभोज क्षेत्र में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए संघर्ष करेंगे।
प्लस प्वाइंट
- पंचायत राजनीति में अनुभव
- भाजपा विधायक और जिलाध्यक्ष का समर्थन
- आंजभोज क्षेत्र में भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ता
- शिलाई और पांवटा की कई पंचायतों में अच्छी पकड़
क्षेत्र की सेवा के लिए राजनीति : बालकिशन
कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी बाल किशन ने कहा कि जनसेवा के लिए राजनीति करेंगे। एचआरटीसी से सेवानिवृत्त होने के बाद कांग्रेस से जुड़े हैं। संगठन के लिए सक्रिय होकर कार्य करते रहे हैं। पंचायतों के विकास के लिए संघर्ष करेंगे।
प्लस प्वाइंट
- पांवटा के विधायक, शिलाई पूर्व विधायक का समर्थन
- मिलनसार और परिवहन निगम में सेवारत
- प्रदेश में कांग्रेस की सरकार का होना
- पांवट की कई पंचायतों में अच्छी पकड़