रेनुका झील में बैटरीयुक्त वाहन में सवारी करते सैलानी।
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ऐतिहासिक रेणुका झील की परिक्रमा अब बैटरी संचालित वाहन में की जा रही है। वन्य प्राणी विभाग की ओर से बैटरी से चलने वाले वाहन में झील की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालु और पर्यटक खासा उत्साह दिखा रहे हैं। छुट्टियों के चलते इन दिनों रेणुका झील श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार हो गई है। वन्य प्राणी विभाग द्वारा रेणुका परिक्रमा मार्ग पर शुरू किए गए बैटरी वाहन का पर्यटक जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। शनिवार से लगातार तीन दिन का अवकाश होने के कारण रेणुका में सैलानियों की चहल-पहल बढ़ गई है। हालांकि, होटल व्यवसायी की मानें तो नोटबंदी के कारण पर्यटन व्यवसाय पर काफी गहरा असर पड़ा है। लेकिन, छुट्टियां होने से रेणुका में पर्यटकों की भारी भीड़ जुट रही है। काफी समय बाद शनिवार को रेणुका में पर्यटकों की रौनक दिखाई दी। जबकि, रविवार को भी यहां काफी संख्या में सैलानी पहुंचे। अन्य वाहनों के लिए परिक्रमा मार्ग पर बंद किए जाने के बाद अब पर्यटक बैटरी युक्त वाहन का लुत्फ उठाने लगे हैं।
इस वाहन में बैठकर सैलानियों को जंगली जानवरों के साथ साथ रेणुका झील के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने का भी मौका मिल रहा है। वन्य प्राणी विभाग ने परिक्रमा मार्ग को प्रदूषण मुक्त करने का फैसला लिया है। इसके चलते पेट्रोल और डीजल वाले वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। बैटरी संचालित वाहन को अपने स्तर पर ही संचालित करके एक नई पहल की है। हालांकि 15 नवंबर से ही बैटरी वाहन को चलाया जा रहा है, लेकिन पिछले एक माह के दौरान ही विभाग को अच्छा रिस्पांस दिखाई दिया है। जबकि, अभी तक शरदकालीन पर्यटन सीजन शुरू नहीं हुआ है। फिर भी विभाग को इसके बेहतर परिणाम आने की आस दिखाई दे रही है। उधर, वन्य प्राणी विभाग रेणुका के परिक्षेत्राधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि बैटरी युक्त वाहन के बेहतर परिणाम आने लगे हैं। एक अतिरिक्त वाहन मंगाए जाने के लिए विभाग को लिखा गया है, जिससे पर्यटकों को इस वाहन में बैठने के लिए प्रतीक्षा न करने पड़े। पर्यटक 50 रुपये प्रति व्यक्ति आसानी से अदा करके इस बैटरी वाहन का लुत्फ उठा रहे हैं।