पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन (एसटीओयू) ने सरकार के ट्रकों के गुड्स टैक्स के फैसले को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से फैसला वापस लेने की अधिसूचना जारी करने की मांग की है।
यूनियन का कहना है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेंगे। यूनियन के प्रधान सरदार बलजीत सिंह नागरा, चेयरमैन सोमनाथ शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसमेर सिंह व उपाध्यक्ष बलविंद्र सिंह बिंदर समेत पदाधिकारियों ने कहा कि कोरोना महामारी से ऑपरेटर आर्थिक विषमताओं के दौर से गुजर रहे हैं।
सरकार राहत देने की जगह ट्रकों पर गुड्स टैक्स बढ़ाने में लगी है। सरकार को तो ट्रक, निजी बस और टैक्सी ऑपरेटरों को आर्थिक राहत देनी चाहिए। इसके उलट ट्रक ऑपरेटरों पर भार डालने की तैयारी की जा रही है, जो न्यायसंगत नहीं है। सरकार ने दस जनवरी को गुड्स टैक्स बढ़ाकर ट्रक ऑपरेटरों को झटका दिया है
।सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों का गुड्स टैक्स माफ किया है। ट्रकों के गुड्स टैक्स में बढ़ोतरी कर प्रदेश के ट्रक ऑपरेटरों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के ट्रक ऑपरेटरों के करीब 1350 से अधिक ट्रकों को कोरोना काल में केवल 30 फीसदी काम मिला।
फिर भी वह सेवाएं देने से पीछे नहीं हटे। इसलिए निजी बसों की तर्ज पर ट्रक ऑपरेटरों का भी टैक्स माफ हो। उन्होंने कहा कि पहले 6 टायर वाली गाड़ी का 6000 और 10 टायर वाली गाड़ी का 10000 गुड्स टैक्स था। इसे बढ़ाकर 10 और 15 हजार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यूनियन इस फैसले का विरोध करती है।