संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। ददाहू के गीता भवन में आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन राम विवाह के पावन प्रसंग ने समूचे क्षेत्र को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। इस उत्सव में विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंगल गीतों और भजनों की थाप पर ददाहू की महिलाएं भगवान राम की बराती बनकर जमकर झूमीं। माता सीता और श्रीराम के विवाह के इस प्रसंग ने हर महिला श्रद्धालु के हृदय को भाव-विभोर कर दिया।
कथा व्यास पंडित राजन शांडिल्य ने प्रसंग की सुरीली व्याख्या करते हुए कहा कि जब भगवान राम अपने गुरु की पूजा के लिए पुष्प लेने वाटिका में गए, तो संयोगवश माता सीता भी वहां पूजन के लिए पहुंची थीं। दोनों ने एक-दूसरे के दर्शन किए। इसके बाद महाराजा जनक की ओर से आयोजित सीता स्वयंवर की भव्यता का वर्णन किया गया, जहां कोई भी राजा शिव धनुष को हिला तक नहीं सका। अंततः प्रभु श्री राम ने धनुष भंग कर माता सीता का हाथ थामा और इस अलौकिक विवाह सूत्र में बंधे। इस दौरान कथा स्थल पर प्रस्तुत की गई श्री राम-सीता की जीवंत झांकियां महिलाओं और बच्चों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।
विवाह के उत्सव को और भी खास बनाने के लिए हरियाणा के जगाधरी से आए संगीतकारों ने पारंपरिक बधाई गीत और सोहर गाकर ऐसा समां बांधा कि पंडाल में मौजूद महिलाएं खुद को थिरकने से नहीं रोक पाईं। पूरा वातावरण जय श्री राम और विवाह के मांगलिक जयकारों से गुंजायमान हो उठा। राम कथा का आयोजन 22 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा।
ददाहू के गीता भवन में आयोजित रामकथा भाग लेते श्रद्धालु। संवाद