(ग्राउंड रिपोर्ट)
सिविल अस्पताल में शिशु रोग, त्वचा और ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सक के पद चल रहे रिक्त
त्वचा, बाल रोगियों और गला, नाक और कान के मरीजों को हो रही काफी दिक्कतें
अस्पताल में 600 से 800 पहुंच रही ओपीडी, वायरल रोगियों की संख्या बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल में शिशु रोग, त्वचा तथा ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सक के पद रिक्त पड़े हैं। अस्पताल पहुंचने वाले ऐसे कई रोगियों को निजी अस्पताल की तरफ रुख करना पड़ रहा है। इन दिनों अस्पताल में ओपीडी 600 से 800 तक पहुंच रही है। इसमें सबसे अधिक रोगी वायरल फीवर, सर्दी जुकाम और एलर्जी के शामिल रहते हैं।
सोमवार को 814 मरीज और मंगलवार को दोपहर तक करीब पांच सौ ओपीडी हो चुकी थीं। गिरिपार के दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों राहुल, स्वाति, नरेंद्र सिंह और रीना ने बताया कि अपने छोटे बीमार बच्चों को लेकर पहुंचे थे। अस्पताल पहुंच कर पता चला कि विशेषज्ञ चिकित्सक का पद रिक्त हो गया है। इसके बाद कुछ तीमारदारों ने अन्य चिकित्सकों को बीमार बच्चे दिखाए। वहीं, कुछ परिजनों ने अपने बच्चों का निजी अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञों के पास उपचार करवाया।
वहीं, ईएनटी और त्वचा विशेषज्ञ पद भी अस्पताल में रिक्त हैं। करीब एक वर्ष से नाक, कान और गले के रोगियों को इससे काफी दिक्कतें पेश आ रहीं हैं। आंजभोज व धारटीधार क्षेत्र से पहुंचे बुजुर्ग रामनांद, रणजीत सिंह और कमला देवी ने बताया कि गले में इंफेक्शन व कान में दर्द की समस्या हो रही है। इसलिए सिविल अस्पताल उपचार को पहुंचे हैं, लेकिन ईएनटी विशेषज्ञ का पद रिक्त होने से मजबूरन अन्य डॉक्टरों के पास स्वास्थ्य जांच करवानी पड़ रही है। अस्पताल में दो लिफ्ट लगी हैं। इसमें से एक लिफ्ट पिछले कई माह से बंद पड़ी हैं।
वहीं, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव चौहान ने कहा कि इन दिनों अधिकतर वायरल फीवर, एलर्जी, ठंड लगने, उल्टी दस्त, खांसी जुकाम के मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों की संख्या 250 से अधिक रहती है। ऐसे मरीजों को स्वास्थ्य जांच व दवाइयां देने के साथ परहेज करने की भी सलाह दी जाती है।
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि आजकल ओपीडी की संख्या काफी रहती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रिक्त पड़े ईएनटी व शिशु रोग विशेषज्ञ के पद बारे विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
संवाद
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं होने से बच्चों को लेकर ओपीडी में इंतजार
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं होने से बच्चों को लेकर ओपीडी में इंतजार
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं होने से बच्चों को लेकर ओपीडी में इंतजार