नाहन/कालाअंब/सतौन। जनपद सिरमौर में ईंधन का संकट बढ़ने लगा है। सबसे ज्यादा दिक्कत एचपीसीएल के पंप संचालकों को उठानी पड़ रही है। इस वजह से इंडियन ऑयल की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। जिले में चल रहे इंडियन आयल के पंपों पर फिलहाल ईंधन का कोई संकट नहीं है लेकिन मांग ज्यादा बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन की समस्या बढ़ने लगी है। पांवटा साहिब के तारुवाला गोंदपुर स्थित एचपीसीएल के पंपों पर भी ईंधन का संकट पैदा होने लगा है।
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में दो पेट्रोल पंप इंडियन ऑयल के हैं और तीन पंप एचपीसीएल के चल रहे हैं। इनमें से इंडियन ऑयल के पंपों पर जितना स्टॉक रोजाना मिलता था, उतना ही उपलब्ध हो रहा है लेकिन एचपीसीएल के पंपों पर पेट्रोल और डीजल नहीं है जिसकी वजह से इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर तेल की खपत बढ़ गई है।
आलम यह है कि इंडियन ऑयल के पास पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है लेकिन पेट्रोल पंपों को अतिरिक्त आपूर्ति देने के लिए टैंकरों की कमी हो गई है। दूसरी ओर एचपीसीएल के पेट्रोल पंप चार दिन से ड्राई चल रहे हैं। पेट्रोल की आपूर्ति बंद है लेकिन डीजल की आपूर्ति एक दिन छोड़कर हो रही है, जो रोजाना की कुल खपत का 50 प्रतिशत मिल रहा है। रोजाना 40 हजार लीटर की मांग है और आपूर्ति 24000 लीटर हो रही है।
एचपीसीएल के अर्थव फीलिंग स्टेशन मोगीनंद के मालिक रुपिंद्र कौर ने बताया कि मांग के अनुसार एक दिन छोड़कर डीजल का 50 फीसदी स्टॉक उपलब्ध हो रहा है। चार दिन से पेट्रोल नहीं मिला है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। कंपनी से नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
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सतौन में भी गहराया तेल का संकट
सतौन में मौजूद भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर 15 दिन से ईंधन का संकट चल रहा है। मांग के मुताबिक तेल न मिलने से वाहन चालकों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। यहां मौजूद एक इंडियन आयल के सहारे ही वाहन चालक पेट्रोल और डीजल भरवा रहे हैं।
बीपी और एचपी के दो अन्य पंपों पर तेल की कमी से एनएच पर कार्य कर रही तीन कंपनियों को भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। एचपी के पंप पर 20 हजार लीटर की रोजाना खपत है। जबकि तेल 11 हजार लीटर मिल रहा है। वहीं भारत पेट्रोलियम के पंप पर तीसरे दिन 11 हजार लीटर ईंधन मिल रहा है। इससे इंडियन ऑयल की बिक्री 5,000 लीटर सेे बढ़कर 12,000 हो गई है।