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Sirmour News: टीका और मरहम-पट्टी के लिए भी 12 किलोमीटर की दौड़

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कलाथा में वह कमरा जहां खुली थी आयुर्वेद डिस्पेंसरी, वहां पर खड़े स्थानीय ग्रामीण। संवाद
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ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर स्वास्थ्य केंद्र दोबारा शुरू करने की उठाई मांग
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पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। टीका लगवाना हो या चोट पर मरहम-पट्टी करवानी हो, इसके लिए भी 12 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कलाथा बढ़ाणा के ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ऐसी ही परेशानी बन गई है। पूर्व सरकार के समय कलाथा गांव में खोला गया आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से आसपास के करीब छह हजार लोगों को छोटे-मोटे उपचार के लिए भी दूर जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में दूर-दूर तक कोई दूसरा स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। लोगों की परेशानी को देखते हुए पूर्व सरकार ने कलाथा गांव में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोला था। इसके लिए विभाग की ओर से सर्वेक्षण किया गया और भवन बनने तक ग्रामीणों ने निशुल्क भवन भी उपलब्ध करवाया था। स्वास्थ्य केंद्र शुरू होने पर यहां चिकित्सक और सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति की गई, जिससे लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिलने लगा था।
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ग्रामीणों का आरोप है कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद इस स्वास्थ्य केंद्र को बंद कर दिया गया। इससे कलाथा और आसपास के गांवों के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीण मोहन सिंह तोमर, रघुवीर सिंह, सुंदर सिंह, संजय, रितिक, खत्रीराम और संतराम ने कहा कि पूरी तैयारी के साथ शुरू किए गए स्वास्थ्य केंद्र को बंद करना ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों के मुताबिक, कलाथा, बढ़ाणा, बेलधार, किलौड़, हथीरा डगर, मसरानी, भिपटवाड़, नैना बास, थापला, नौणी, दाना, भैला, डांडाआंज और टौंस क्षेत्र की करीब छह हजार आबादी इस समस्या से प्रभावित है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र भेजकर कलाथा के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को दोबारा शुरू करने की मांग की है, ताकि लोगों को नजदीक ही प्राथमिक उपचार मिल सके।
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जिला आयुष अधिकारी सिरमौर डॉ. जसप्रीत कौर ने बताया कि यह मामला प्रशासन की जिला स्तरीय बैठक में भी उठाया गया था। इस संबंध में मामला सरकार को भेजा गया है।
संवाद
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