-80 फीसदी काम पूरा, 1.19 करोड़ की अतिरिक्त राशि का इंतजार
-सीडीपीओ और तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालय आज भी किराये के भवनों में
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद उपमंडल के सराहां में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालयों के लिए बन रहा भवन पिछले तीन साल से अधूरा पड़ा है। करीब 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद बजट के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ पाया है। नतीजतन, दोनों कार्यालयों को आज भी निजी भवनों में किराये पर चलाना पड़ रहा है। उधर, अधूरा भवन देखरेख के अभाव में बदहाल होने लगा है।
वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इस भवन का शिलान्यास किया था। इसके निर्माण के लिए 1.94 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए और वर्ष 2020 में हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) के माध्यम से काम शुरू हुआ। करीब छह साल बीतने के बाद भी भवन तैयार नहीं हो पाया है। विभागीय जानकारी के अनुसार 1.19 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग सरकार को भेजी गई।
भवन की तीन मंजिलों में सीडीपीओ कार्यालय, तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय, सभा हॉल, स्टोर और कर्मचारियों के लिए कमरे बनाए गए हैं। फर्श पर टाइलें लगाने और दीवारों पर लकड़ी का काम भी पूरा हो चुका है। लिफ्ट लगाने के लिए जगह तैयार है लेकिन खिड़की-दरवाजे लगाने, बिजली और प्लंबिंग सहित अन्य अंतिम कार्य अधूरे हैं।
खिड़की-दरवाजे नहीं लगने और नियमित देखरेख के अभाव में भवन की हालत खराब होने लगी है। बारिश का पानी कमरों में जमा हो रहा है। चौखटों और पेंट को भी नुकसान पहुंचा है। खुले पड़े भवन में आवारा कुत्तों और अन्य जानवर डेरा जमा रहे हैं। समय पर निर्माण पूरा नहीं होने से अब तक किए गए काम के खराब होने की आशंका भी बनी हुई है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस महिला सचिव राजेश्वरी शर्मा और पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता उषा तोमर ने कहा कि भवन का निर्माण पूरा करवाने के लिए जल्द ही प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा। उन्हें उम्मीद है कि सरकार अतिरिक्त बजट का प्रावधान कर निर्माण कार्य पूरा करवाएगी, जिससे दोनों कार्यालयों को अपने भवन उपलब्ध हो सकेंगे।
सीडीपीओ सराहां दीपक चौहान ने बताया कि निर्माण के लिए स्वीकृत राशि पर्याप्त नहीं थी। विभाग की ओर से संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर 1.19 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग सरकार को भेजी गई है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से भी मुख्यमंत्री को विशेष पैकेज देने के लिए पत्राचार किया गया है। बजट मिलने के बाद ही निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा। संवाद-