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नेशनल हाईवे बंद होने से मुश्किल में किसान बागवान

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पांवटा साहिब/ सतौन (सिरमौर)। पांवटा शिलाई एनएच- 707 मार्ग तीन दिनों से ठप है। बड़वास कालीढांक के समीप भूस्खलन से करीब डेढ़ सौ मीटर मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। तीन दिनों से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। आलम यह है कि शीघ्र कोई बेहतर व्यवस्था नहीं हुई तो जिला शिमला और सोलन के हजारों किसानों-बागवानों, खनन व्यवसायियों, ट्रांसपोर्टरों को करोड़ों की क्षति होगी। इसलिए सरकार को एनएच तैयार करने तक बेहतर वैकल्पिक मार्ग व्यवस्था पर फोकस करना होगा।
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हाटी किसान सभा शिलाई अध्यक्ष कुंदन सिंह शास्त्री का कहना है कि इस एनएच मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से शिमला और सिरमौर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। इन दिनों विभिन्न इलाकों के किसानों का टमाटर, शिमला मिर्च, मिर्च, सब्जियों समेत नकदी फसल बाजार लाई जा रही है। अब शिमला से सेब सीजन शुरू होने जा रहा है। ऐसे वक्त में एनएच मार्ग बंद होने से किसानों- बागवानों को करोड़ों की क्षति हो जाएगी।
सिरमौर निजी बस ऑपरेटर संघ अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य मामराज शर्मा ने कहा कि 40 से अधिक बसें पांवटा से गिरिपार क्षेत्र में चलती है। जो आधी शिलाई क्षेत्र की तरफ फंसी हुई है। उत्तराखंड-हिमाचल सरकार में एनएच बंद रहने तक आपसी समझौता होने से बात बन सकती है। जनसुविधा के लिए उत्तराखंड सरकार निजी बसों को टैक्स फ्री की सुविधा दे सकती है।
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कमरऊ के युवा व्यवसायी भरत ठाकुर का कहना है कि एनएच 707 मार्ग बंद होने से आम जनता परेशान है। तीन किमी सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। अभी भी सड़क शीघ्र बनने के कोई आस नजर नहीं हैं। पहले ही बुरे दौर से चल रहा खनन व्यवसाय भी मार्ग बंद होने से चौपट हो रहा है।
गिरिपार के पमता निवासी अत्तर सिंह कपूर ने कहा कि कफोटा से किलौड़ मार्ग सुचारु किया जाए। पुल के समीप बंद कर दिए जाने से इस मार्ग पर भारी वाहन नही चल पा रहे। मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में बेहतर इस्तेमाल हो सकता है। तिलोरधार पमता बनोर मार्ग भी ठीक किया जाए। इन दिनों मार्ग बंद होने पर क्षेत्र के लोगों को सब्जी मंडी में दूर रास्ते से उत्पाद देरी से पहुंचने पर किसानों-बागवानों को नुकसान उठाना पड़ता है जिसमें समय और अतिरिक्त पैसे खर्च होते हैं। इसलिए प्रदेश सरकार और प्रशासन जनता की सुविधा को शीघ्र उचित फैसले लें।
ट्रांसपोर्टर अखिल शर्मा का कहना है कि पांवटा से कफोटा करीब 41 किमी दूरी पड़ती है। जबकि कफोटा से बाया माशु जियोंग विकासनगर से पांवटा साहिब करीब 75 किमी दूर है। निजी बसों के इस मार्ग से आने पर करीब ढाई हजार कर प्रतिदिन देना पड़ सकता है। निजी बस संचालक पहले ही डिजल दाम बढ़ने से परेशानी में है। इस वैकल्पिक मार्ग से निजी बसों को 20 किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा।
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