-एनएससीयू कक्ष तीन वर्षों से बंद, शिशु रोग विशेषज्ञ को नाहन या निजी क्लीनिक में ले जाना पड़ रहा
गर्मी और उमस के चलते बिगड़ रही दर्जनों बच्चों की तबीयत, तीमारदार नासाज शिशुओं को लेकर भटकने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। भारी गर्मी शुरू होने पर इन दिनों नासाज शिशुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में शिशु रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त पड़ा है। इससे शिशु ओपीडी काफी प्रभावित है, करीब तीन वर्ष से एसएनसीयू कक्ष बंद पड़ा है। रोज 80 से अधिक बीमार बच्चे उपचार को पहुंचते हैं। इनमें से अधिकतर बीमार बच्चों को परिजन मजबूरन निजी क्लीनिकों में उपचार करवाने ले जा रहे हैं।
बता दें कि पांवटा साहिब अस्पताल में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) कक्ष स्थापित किया गया है। इसमें अनुभवी बाल रोग विशेषज्ञ, नर्सें और अन्य चिकित्सा कर्मी नवजात शिशुओं की देखभाल करते हैं जिसका उद्देश्य नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना रहा है। इसमें वेंटिलेशन, इनक्यूबेटर, फोटोथैरेपी और अन्य आवश्यक चिकित्सा सहायता शामिल रहती है। स्थानीय सिविल अस्पताल में एसएनसीयू तीन वर्ष पहले तक पूरे जिले में सबसे बेहतरीन सेवाएं देता रहा।
विशेषकर नवजात शिशु देखभाल इकाई में विशेष चिकित्सा इकाई में बीमार और कम वजन वाले नवजात शिशुओं की देखभाल की गई। इससे कई बच्चों को नवजीवन मिला। पीजीआई स्तर की ऐसे नवजात शिशुओं को जीवन रक्षक सुविधाएं मिलीं, लेकिन शिशु रोग विशेषज्ञ के पदोन्नत होकर स्थानांतरण होने से अब पांवटा साहिब अस्पताल का स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) कक्ष से बंद पड़ा है।
गिरिपार निवासी मनोज चौहान, सीमा चौहान, तपेंद्र ठाकुर, अमरजीत सिंह, रीना शर्मा, अमीर खान, रीना देवी, सरिता चौधरी व ममता शर्मा ने बताया कि शिशु रोग विशेषज्ञ का पद काफी समय से रिक्त रहने से बहुत दिक्कतें आ रहीं हैं। इन दिनों तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। सिविल अस्पताल में शिशु रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। आजकल 80 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में विशेषज्ञ चिकित्सक के नहीं होने से कई तीमारदार-परिजन अपने शिशु मरीजों को नाहन या फिर निजी अस्पतालों में ले जाने के लिए मजबूर हैं।
सिविल अस्पताल के कार्यकारी प्रभारी व वरिष्ठ चिकित्सक एवी राघव ने कहा कि इन दिनोें उपचार करवाने ओपीडी में दर्जनों शिशु मरीज पहुंच रहे हैं। इनकी जांच और उपचार किया जा रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने से कई बार दिक्कतें आती रहीं हैं। इस बारे में सरकार और स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवा दिया गया है।
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सिविल अस्पताल पांवटा साहिब। संवाद