फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: राष्ट्रीय लोकरंग उत्सव-2025 में सिरमौर की नाटी ने दर्शक किए मंत्रमुग्ध

विज्ञापन
जयपुर में कार्यक्रम के दौरान मंच पर प्रस्तुति देते सिरमौर के आसरा संस्था के कलाकार। स्रोत कलाका
विज्ञापन
सचित्र
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

राजगढ़ (सिरमौर)। गुलाबी नगरी जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित 28वें राष्ट्रीय लोकरंग उत्सव-2025 में गिरिपार की आसरा संस्था के कलाकारों ने हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व करते सिरमौर जनपद की हाटी लोकसंस्कृति का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र और जवाहर कला केंद्र के संयुक्त तत्वाधान में सात से 17 अक्तूबर तक भव्य सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है।

आसरा संस्था के प्रभारी डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने यहां जारी प्रेस बयान में बताया कि इस आयोजन में संस्था के कलाकार सात से 11 अक्तूबर तक गिरिपार के हाटी क्षेत्र के प्राचीनतम ठोडा नृत्य, रिहाल्टी गी, मुंजरा गी, परात नृत्य और रासा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दे रहे हैं।
विज्ञापन


इस उत्सव में पद्मश्री विद्यानंद सरैक और डॉ. जोगेंद्र हाब्बी के निर्देशन में तैयार लोकनृत्य की विभिन्न विधाओं को प्रस्तुत किया जा रहा है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सुप्रसिद्ध लोकगायक गोपाल हाब्बी, सुनील चौहान और बिमला चौहान की सुरीली आवाज ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं संदीप की ढोल की थाप, नरेंद्र की करनाल और बलदेव चौहान की बांसुरी की मधुर धुनों ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर डाला। नृत्य विद्या में महारथ हासिल कलाकारों के दल में जोगिंद्र हाब्बी, अमीचंद, चमन, नवीन, दिनेश, सरोज, अनुजा, आरती और प्रीति जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी दमदार प्रस्तुतियों से विभिन्न राज्यों के कलाकारों के बीच अमिट छाप छोड़ी।
विज्ञापन


इस राष्ट्रीय उत्सव में सिरमौरी नृत्यों के साथ-साथ राजस्थान का चरी नृत्य, अंगीगैर, कालबेलिया और भपंग वादन, जम्मू-कश्मीर का रूफ, असम का बिहू, उत्तराखंड का थडिया और छपेली, मिजोरम का चेरो, हरियाणा का बीन सपेरा, मणिपुर का पूँगचोलम और पंजाब का भंगड़ा जैसे रंगारंग नृत्यों ने पूरे देश की विविधता को एक मंच पर जीवंत किया गया है।

-संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें