नाहन (सिरमौर)। हिमाचल पथ परिवहन निगम के मुख्य बस अड्डा नाहन और दिल्ली गेट बस ठहराव पर यात्रियों के लिए सुविधाओं का हाल बदहाल है। यात्रियों को यहां बसों का इंतजार करना काफी मुश्किल हो रहा है। दोनों जगह धूल मिट्टी का आलम है। हवाएं चलने से स्थिति और भी बदतर हो रही है। ऐसे में यात्रियों को मुंह ढांप कर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
नाहन बस अड्डा परिसर की हालत दयनीय है। यहां जगह-जगह फर्श उखड़ा पड़ा है। चारों ओर धूल मिट्टी का आलम है। रही सही कसर अड्डा परिसर के साथ लगे निर्माण कार्य ने पूरी कर दी है। जैसे ही हवाएं चलती हैं, धूल मिट्टी सीधे बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों पर आ रही है।
जिला मुख्यालय होने के चलते रोजाना हजारों लोग अपने-अपने कार्यों से यहां पहुंचते हैं और वापस जाने के लिए बस अड्डे से बसें लेते हैं। बस अड्डे की दयनीय हालत के चलते उन्हें परेशानी तो उठानी पड़ ही रही है, साथ ही उनकी सेहत पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। बस अड्डा के मुख्य गेट से लेकर बीच के फर्श का हिस्सा कई जगह उखड़ गया है। सवारियों की सुविधा के लिए अड्डा प्रबंधन की ओर से धूल मिट्टी की रोकथाम के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
नाहन बस अड्डा प्रभारी सुखराम ने कहाकि बस अड्डा परिसर में जगह-जगह सड़क और फर्श उखड़ा है। इसके चलते धूल-मिट्टी रहती है। उन्होंने बताया कि बस अड्डा परिसर को पक्का करने का कार्य चल रहा है, जो जल्द पूरा होगा।
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धक्का देकर स्टार्ट की बस :
एचआरटीसी की बसों की खस्ताहालत किसी से छिपी नहीं है। इसी का उदाहरण मंगलवार को नाहन बस अड्डा पर देखने को मिला। यहां पर नाहन-सराहां रूट पर जा रही बस स्टार्ट नहीं हो रही थी। परिचालक, सवारियों और बस अड्डा स्टाफ ने धक्का देकर इसे स्टार्ट करवाया। इसके बाद बस अपने गंतव्य को निकली।
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दशकों पुराना ददाहू बस अड्डा बदहाल, बसें खड़ी करना भी मुश्किल
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका विधानसभा क्षेत्र के एकमात्र बस अड्डा ददाहू में सुविधाओं की कमी यात्रियों को खूब अखर रही है। ददाहू बस अड्डा से प्रतिदिन 60 से अधिक रूटों पर बसें आवागमन करती हैं लेकिन बस अड्डे पर मात्र चार बसों को ही खड़ा करने की व्यवस्था है।
इसको लेकर बसों को आगे और पीछे खड़ा करना पड़ता है, जिससे हादसों का अंदेशा का हर समय बना रहता है। यहां तक कि यात्रियों को बसों से उतारने व चढ़ने में भी भारी कठिनाई झेलनी पड़ती हैं। बसों की खिड़कियां तक भी आसानी से खुल नहीं पाती।
ददाहू में नए बस अड्डे के निर्माण को लेकर लिए भूमि का चयन हो जाने के बावजूद भी यहां नए बस अड्डे का निर्माण नहीं हो पाया है। यहां तक कि यात्रियों के बैठने के लिए मात्र एक बेंच के सिवाय दूसरा कोई साधन नहीं है। बस अड्डे के प्रतीक्षालय में भी पिछले करीब एक वर्ष से ही ताला लटका हुआ है। बसों के इंतजार में यात्री बस अड्डा पर इर्द-गिर्द ही घूमते रहते हैं। जबकि यहां से निगम के 35 व निजी के 25 रूटों पर बसें प्रतिदिन अपने गंतव्य तक आती जाती हैं।
नाहन बस अड्डा परिसर में उड़ती धूल के बीच गुजरता यात्री। संवाद- फोटो : NAHAN