पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब से 11 जनवरी से लापता गिरिपार क्षेत्र के आगरो गांव के 25 वर्षीय मनीष उर्फ बंटी का शव यमुना नदी किनारे संदिग्ध अवस्था में मिला है। पहले मनीष के परिजनों ने गुमशुदगी और बाद में अपहरण की आशंका पर मामला दर्ज किया था।
शुक्रवार को यमुनाघाट के समीप मिले शव को पांवटा थाना पुलिस टीम ने कब्जे में ले लिया है। हत्या या आत्महत्या इसकी गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सुलझ सकेगी। फिलहाल पुलिस गहनता से मामले की छानबीन में जुट गई है।
बता दें कि आंजभोज के आगरो निवासी मनीष उर्फ बंटी विगत 11 जनवरी को घर से पांवटा निकला था। बंटी राजपुर में फोटोग्राफी की दुकान चलाता था। रात को पांवटा साहिब से मनीष वापस घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश किया। कोई पता नहीं चलने पर पुरुवाला थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। फिर संदेह होने पर अपहरण व अनहोनी की आशंका का मामला दर्ज करवाया गया।
युवक का कोई पता नहीं चलने पर नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने पुरुवाला थाना का घेराव किया था। इसके बाद डीएसपी पांवटा साहिब को लिखित शिकायत की गई। कुछ लोगों पर संदेह भी जताया गया था। डीएसपी पांवटा ने विभिन्न पुलिस टीमों का गठन किया। उत्तराखंड व हिमाचल में मनीष की तलाश तेज कर दी है।
शहर के बद्रीपुर, वाई प्वाइंट, मुख्य बाजार, गीता भवन से यमुना घाट को जाने वाले मार्ग के आसपास लगे सभी सीसीटीवी फुटैज खंगाले गए। ड्रोन की सहायता से भी नदी और आसपास क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया गया। लोकल गोताखोर को भी यमुना नदी किनारे तलाश अभियान में लगाया गया। इसके बाद शुक्रवार को मनीष का शव यमुना नदी के किनारे मिला। डीएसपी पांवटा साहिब बीर बहादुर ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण का पता चल सकेगा।
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पुलिस और गोताखोर टीम के प्रयास रंग लाए
डीएसपी पांवटा साहिब बीर बहादुर ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। परिजनों व ग्रामीणों के आग्रह के बाद एक विशेष टीम का गठन किया। इसमें आरक्षी विक्रमजीत सिंह, साइबर सैल पांवटा पुलिस के आरक्षी नितीश कुमार, प्रीतम चंद व एचएचसी जय प्रकाश व राजेंद्र को शामिल
किया गया। लोकल गोताखोर व गठित पुलिस टीम के प्रयासों से लापता मनीष का शव यमुना किनारे मिल सका।