ददाहू (सिरमौर)। बहुआयामी रेणुका बांध परियोजना के शिलान्यास की संभावनाओं को लेकर ऊर्जा एवं बहुउद्देशीय परियोजना मंत्री सुखराम चौधरी ने शुक्रवार देर शाम को रेणुका बांध स्थल का दौरा किया। इससे पूर्व उन्होंने परियोजना कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करके बांध निर्माण से जुड़ी तमाम गतिविधियों का आकलन भी किया। उन्होंने कहा कि विस्थापितों के हितों की रक्षा को लेकर प्रदेश सरकार कृतसंकल्प है। विस्थापितों के साथ किसी भी तरह का अन्याय होने नहीं दिया जाएगा। विस्थापितों की हर समस्या का हल करने के बाद ही बांध निर्माण की गति को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को आगामी 20 अक्टूबर तक विस्थापितों को दी जाने वाली सहूलियतों व मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विस्थापितों व परियोजना अधिकारियों के साथ शीघ्र ही एक समन्वयक बैठक की जाएगी। जिसमें विस्थापितों के हितों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को मुआवजा आवंटन में पारदर्शिता लाने के निर्देश भी दिए। ताकि, विस्थापितों के दिलों में किसी भी प्रकार की आशंका न रहे। उन्होंने कहा कि रेणुका बांध का निर्माण जल्द ही शुरू होगा। इसको लेकर शिलान्यास की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इससे पूर्व बांध के अधिकारियों ने ऊर्जा मंत्री का कार्यालय पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। साथ ही बांध निर्माण से जुड़ी बारीकियों से उन्हें अवगत करवाया। इस मौके पर हिमाचल पावर कारपोरेशन की निदेशक प्रियंका वर्मा, सुरेंद्र कुमार, महाप्रबंधक रूपलाल, उप महाप्रबंधक सुनील ठाकुर, संजीव कुमार वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. नीरज सिंगल, भाजपा नेता बलबीर सिंह ,मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा, पूर्व विधायक रुप सिंह व नरायन सिंह सहित अन्य भाजपा नेता, अधिकारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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विस्थापितों की समस्याएं जस की तस
रेणुका बांध जन संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से ददाहू में मिला। समिति के अध्यक्ष योगेंद्र कपिला के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा मंत्री को अपनी समस्याओं व मांगों से अवगत कराया। विस्थापितों ने बांध प्रबंधन के रवैये के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि परियोजना के शिलान्यास की ओर कदम बढ़ाया जा रहा है। लेकिन, आज दिन तक विस्थापितों की एक भी मांग व समस्या को हल नहीं किया गया। जबकि, विस्थापित पिछले दो दशकों से ही अपने हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाते आ रहे हैं। सुखराम चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करवाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर समिति के संयोजक प्रताप तोमर, विनोद कुमार, पूरन चंद शर्मा, दुर्गाराम, राजेंद्र सिंह, धर्मचंद शर्मा, संजय चौहान व विजय आजाद सहित अन्य विस्थापित मौजूद रहे।
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