क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम की विशेष समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त सिरमौर।
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नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एक अगस्त से स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम घर-घर जाकर टीबी मरीजों की पहचान करेगी। टीबी के लक्षण पाए जाने पर बलगम की जांच के लिए सैंपल लेकर टेस्टिंग सेंटर को भेजे जाएंगे। उपायुक्त रामकुमार गौतम ने सोमवार को क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिला में क्षय रोगियों की पहचान के लिए खंड स्तर पर 609 टीमों का गठन किया जाएगा जिसमें स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्कर और महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाडी कार्यकर्ता और आवश्यकता पड़ने पर आयुर्वेदिक विभाग के फार्मासिस्ट की सहायता ली जाएगी।
उन्होंने विभाग को आदेश दिए कि जिला के सभी हाई रिस्क क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र और निर्माणाधीन कार्यों में लगे लोगों की टीबी जांच करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त 28 जुलाई से 31 जुलाई तक गठित टीमों को विधिवत प्रशिक्षण देना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि जिला में 8 स्थानों जिसमें शिलाई, पांवटा साहिब, ददाहू, सरांहा, राजगढ़, नौहराधार, संगड़ाह और मेडिकल कॉलेज नाहन में कफ कॉर्नर स्थापित किया जाएगा जिसमें जिलावासी बलगम की मुफ्त जांच करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से क्षय रोग पर काबू करने के लिए ‘टीबी आरोग्य साथी’ एप लांच किया गया है। इसके अतिरिक्त क्षय रोग के बारे में अधिक जानकारी के लिए 104 टोल फ्री नंबर पर भी संपर्क करा सकते हैं। उन्होंने जिला वासियों से अपील करते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। टीबी की शुरुआती लक्षण पाए जाने पर बलगम की जांच करवाएं ताकि शुरुआती स्तर पर ही इसे इलाज कर रोका जा सके।
इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वीना सांगल ने अगस्त माह से आरंभ होने वाले टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक्टिव केस फाइंडिंग का प्रारूप प्रस्तुत किया। इस बैठक में जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा, डीपीओ आईसीडीएस राजेंद्र नेगी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र ज्ञान सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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