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जनजातीय दर्जे के खिलाफ गुज्जर समाज और तेज करेगा संघर्ष

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जनजातीय दर्जे के विरोध में त्रिलोकपुर में आयोजित महापंचायत में मौजूद गुज्जर समुदाय के लोग। संवा - फोटो : NAHAN
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कालाअंब (सिरमौर)। जिला सिरमौर गुज्जर समाज की महापंचायत में गुज्जर समाज के हितों और अधिकारों के संरक्षण की रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने के खिलाफ जारी संघर्ष में तीव्रता लाने के लिए विचार-विमर्श किया गया।
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बुधवार को त्रिलोकपुर में हुई महापंचायत की अध्यक्षता यशपाल गुज्जर ने की जिसमें विभिन्न गुज्जर संगठनों और सिरमौर जिले की दर्जनों पंचायतों के सैकड़ों शीर्ष लोगों ने हिस्सा लिया।
जिला सिरमौर गुज्जर युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष किनशुक गुर्जर और सिरमौर गुज्जर कल्याण परिषद के अध्यक्ष हंसराज भाटिया ने कहा कि सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के हाटियों को जनजातीय दर्जा देकर एक तरह से गुज्जरों के अधिकारों को छीनने की कोशिश की जा रही है। संविधान का उल्लंघन कर गुज्जरों के अधिकारों और हितों का सरेआम हनन हो रहा है।
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हाटियों के नाम पर लाभ लेने वाले लोग सिर्फ गुज्जर समुदाय का ही नहीं अपितु गिरिपार क्षेत्र के विभिन्न दलित वर्गों के अधिकारों में भी सेंधमारी कर रहे हैं। भोलेभाले लोगों को गुमराह किया जा रहा है। हाटी कोई जाति विशेष नहीं है बल्कि कई जातियों का समूह है जिसमें सवर्ण जाति के साधन संपन्न लोग शामिल हैं।
लिहाजा अपने अधिकारों और हितों का वर्चस्व कायम रखने के लिए किए जाने वाले इस संघर्ष में समस्त गुज्जर समाज एकजुट हैं और अपने सहयोगी समुदायों के साथ भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। किनशुक गुर्जर ने कहा कि जब तक उनका अधिकार सुरक्षित नहीं है तब तक ये संघर्ष चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि वो किसी सरकार या राजनीतिक दल का विरोध नहीं कर रहे बल्कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए गुज्जर समाज रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजेआई) को भी ज्ञापन सौंपेगा। साथ ही आगामी 28 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर ऊना में गुज्जर सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश के गुज्जर समाज के लोग भी सम्मिलित होंगे।
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