-हरिपुरधार-रोनहाट सड़क मार्ग पर जरवा के समीप पाया गया गिद्धों का झुंड
संवाद न्यूज एजेंसी
रोनहाट (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र में लंबे समय बाद गिद्धों की संख्या बढ़ती नजर आने लगी है, जिसे स्थानीय लोग पर्यावरण के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं। प्रकृति के सफाई प्रहरी कहे जाने वाले गिद्धों की वापसी से इलाके में खुशी का माहौल है।
हाल ही में हरिपुरधार-रोनहाट सड़क मार्ग पर जरवा के समीप गिद्धों का झुंड एक मृत पशु के अवशेषों को साफ करते देखा गया। इस दृश्य ने ग्रामीणों को पुराने समय की याद दिला दी, जब बड़ी संख्या में गिद्ध मृत पशुओं के आसपास नजर आते थे। स्थानीय निवासी दया राम, बलबीर शर्मा, अत्तर सिंह और पंकज ने बताया कि वर्षों पहले क्षेत्र में गिद्धों की अच्छी-खासी संख्या हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या में भारी कमी आ गई थी। अब दोबारा गिद्धों का दिखना पर्यावरण संतुलन के लिहाज से सकारात्मक संकेत है।
विशेषज्ञों के अनुसार गिद्ध न केवल मृत पशुओं के अवशेषों को साफ कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखते हैं, बल्कि रेबीज और प्लेग जैसी घातक बीमारियों के फैलाव को रोकने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। जांच में यह भी सामने आ चुका है कि पशुओं के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं, जैसे डाइक्लोफेनाक और निमेसुलाइड गिद्धों के लिए बेहद घातक साबित हुई हैं। यही कारण रहा कि पिछले वर्षों में गिद्धों की संख्या में तेजी से गिरावट आई।
फिलहाल गिरिपार क्षेत्र में गिद्धों की बढ़ती संख्या से ग्रामीण उत्साहित हैं और इसे प्रकृति के संतुलन की बहाली के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संरक्षण के प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में गिद्धों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है। संवाद