उरमौरा स्थित बीएसए कार्यालय के सामने शुक्रवार को नियुक्ति पत्र लेने के लिए खड़े शिक्षक।
जिला निजी स्कूल संघ पांवटा इकाई कीे बैठक जगदीश चंद की अध्यक्षता में हुई जिसमें टेट पास अध्यापकों की शीघ्र नियुक्ति नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। बैठक में बताया गया कि टेट की परीक्षाएं पिछले कुछ वर्षों में कम हुई हैं। प्रदेशों के निजी स्कूलों को कम के कम 5 वर्ष की अवधि दी जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि मांगों को लेकर शीघ्र एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा। बैठक में दो दर्जन स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक जगदीश चौधरी, एनएम वर्मा, कृष्णा राय, विमला चौहान, महेंद्र सिंह, आरती पराशर, विमला जिंदल, मलकीयत कौर, जेएस महाजन, भूपिंद्र कश्यप, अक्षय कुमार, जगदीश सैनी, अलका खंडूजा, पिंकी शर्मा ने अपने विचार रखे। निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य ने कहा कि 2011 के बाद निजी स्कूलों में नया स्टाफ रखने के लिए टेट शर्त अनिवार्य कर दी गई है।
सरकार इस फैसले को अभी लागू न करें क्योंकि शर्त लागू करने से हजारों बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। हर वर्ष कम से कम दो बार टेट परीक्षा होनी चाहिए। जबकि विगत वर्ष टेट परीक्षा नहीं हुई है। इस वर्ष टेट परीक्षा देने वाले युवाओं के परिणाम देरी से आएंगे। इसलिए सत्र 2016-17 में सभी विषयों में टेट पास अध्यापक उपलब्ध हो पाना संभव नहीं है। बैठक मेें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कर सरकार से कम से कम 5 वर्ष का समय देने का आग्रह किया गया।