नई फसल का नजराना चढ़ाकर किसानों ने मांगी सुख-समृद्धि की मन्नत
उत्तराखंड और हरियाणा से भी पहुंचे श्रद्धालु, अंतिम दिन होगी कुश्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरुवाला (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र के नंशैर में दशहरे के साथ नाग नावणा देवता का चार दिवसीय मेला शुरू हो गया। मंगलवार को मेले के पहले दिन देवता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सिरमौर के अलावा उत्तराखंड और हरियाणा से भी लोग परिवार सहित पहुंचे और सुख-समृद्धि की कामना की।
परंपरा के अनुसार, किसान गेहूं, मक्की सहित नई फसल का पहला नजराना देवता को अर्पित करते हैं। स्थानीय स्तर पर इसे ‘फसलनामा’ कहा जाता है। शिलाई, जौनसार और पड़ोसी राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी फसल चढ़ाकर अच्छी पैदावार की कामना की। मान्यता के अनुसार, मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु नाग-नागिन के जोड़े छोड़ते हैं और चांदी के नाग-नागिन भी चढ़ाते हैं।
दशहरे से एक दिन पहले सोमवार शाम को शिलाई क्षेत्र की पोका पंचायत के कोटगा गांव से देवता की पालकी नंशैर पहुंच गई थी। इस बार मंदिर परिसर में जलभराव नहीं होने के कारण पालकी को मंदिर के भीतर सजाया गया। ग्राम पंचायत डोबरी सालवाला की प्रधान रीता देवी और उपप्रधान विनोद चौधरी ने बताया कि पंचायत की देखरेख में मेले का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दुकानें सजाई गई हैं।
मंदिर के पुजारियों संतराम, प्रमोद माली, जगदीश पंडित, सुरेंद्र शर्मा, प्रमोद और रोबिन शर्मा के अनुसार, श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम के लिए सरायों में खाने-पीने और शौचालय की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए मेला परिसर के अतिरिक्त कक्ष में पुलिस चौकी बनाई गई है। पुलिस थाना पुरुवाला की टीम भी व्यवस्थाओं पर नजर रख रही है। चार दिवसीय मेले के अंतिम दिन पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।