केंद्रीय बजट से हताश किसानों की
नजर अब राज्य सरकार के बजट पर
केंद्र का किसानों की आय दोगुनी करने का वादा तो हवा हवाई निकला : अनिंदर सिंह
कहा, हिमाचल में कोल्ड स्टोर कार्पोरेशन स्थापित कर अलग से विभाग बनाया जाए
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। भारतीय किसान यूनियन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष अनिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र का 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा हवा हवाई साबित हुआ है। केंद्रीय बजट ने किसानों को निराश किया है। अब सबकी नजरें हिमाचल सरकार के बजट पर हैं।
भाकियू की मांग है कि किसानों-बागवानों के लिए राज्य सरकार अलग से फसल बीमा योजना लाए। प्रदेश के किसानों, बागवानों, खासतौर पर ऊपरी क्षेत्र के बागवानों के लिए यूटिलिटी और पिकअप जैसे वाहन को व्यावसायिक श्रेणी से निजी पंजीकरण दायरे में लाने की मांग रखी है। इसमें ट्रैक्टर की तर्ज पर सरकार सब्सिडी दे। पहाड़ी क्षेत्र में ट्रैक्टर से अधिक ऐसे वाहन ही खेती और फसल ढुलाई के लिए उपयोग होते हैं। भाकियू के प्रीतम सिंह, चरणजीत जैलदार, जसविंदर बिलिंग, गुरजीत नंबरदार, रघुवीर सिंह, महबूब अली, परमजीत बंगा, जुल्फकार अली, हरबंस सिंह सैनी, अर्जुन बनवैत, हरीश चौधरी, गुरनाम गामा, कमल चौधरी, जतिंदर राजा, बूटा सिंह, किशोरी लाल और अरशद अली ने बताया कि एपीएमसी की आय का एक हिस्सा कोल्ड स्टोर बनाने और खेती में रिसर्च पर खर्च हो। हर ब्लॉक स्तर पर नई मंडी बने। पहले से मौजूद मंडियों की क्षमता और सुविधा बढ़ाई जाए। टमाटर, अदरक, लहसुन, सेब, स्टोन फ्रूट पर आधारित पल्प प्लांट्स लगाए जाएं। 2022 से मक्की की फसल की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद तय करें। डिपो में गेहूं के साथ-साथ मक्की आटा उपलब्ध करवाया जाए। प्रदेश में फसलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोर चेन बने। भांग और अफीम के औषधीय और औद्योगिक उपयोग के लिए सरकार इसकी खेती को कानूनी दर्जा जल्द से जल्द प्रदान करे। प्रदेश में धान की खरीद में किसानों की दिक्कतें दूर करने को प्रादेशिक एजेंसी की मध्यस्थता हो, सिविल सप्लाई कार्पोरेशन और कृषि उपज मंडी समिति को खरीद में मध्यस्थ नियुक्त हो और टोकन व्यवस्था सरल की जाए। सिरमौर स्थित धौलाकुआं में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर की स्थापना हो, ताकि किसानों के बच्चे कृषि के विषय में पढ़ाई कर सकें। बड़े शहरों में किसान हाट, फलों और सब्जी के अपने आउटलेट हो।
भाकियू का गिरिपार जनजातीय हाटी मुद्दे को समर्थन : नोटी
भारतीय किसान यूनियन हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष अनिंदर सिंह नोटी, चरणजीत जैलदार और जसविंदर बिलिंग ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के 3 लाख लोगों की जनजातीय क्षेत्र मुद्दे की मांग का पूर्ण समर्थन करते हैं। केंद्र सरकार से मांग है कि इस पिछड़े क्षेत्र को न्याय दिया जाए। अगर हाटी केंद्रीय समिति चाहेगी तो भाकियू के सदस्य दिल्ली तक इस मुहिम में साथ देगी। राष्ट्रीय किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत को भी इस मुद्दे से अवगत करवाकर सहमति ले ली गई है। उनका कहना है की हाटी समुदाय के लोग भी किसान पृष्ठभूमि से हैं, ऐसे में उनका हर तरह से साथ देंगे। भाकियू हर तरह सैद्धांतिक और वैचारिक तौर पर आंदोलन के साथ हैं।