कहा-मातृत्व अवकाश पहले दिन से अधिकार, शर्तें थोपना महिला विरोधी
एसडीएम पांवटा साहिब के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने राष्ट्रीय आह्वान वीरवार को प्रोजेक्ट पांवटा साहिब में आंगनवाड़ी केंद्रों की समस्याओं के मुद्दों को उठाया। विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर एसडीएम पांवटा साहिब जीएस चीमा के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
पांवटा साहिब प्रोजेक्ट इकाई की अध्यक्ष इंदु तोमर, महासचिव देव कुमारी और जिला कमेटी सदस्य गुलाबी देवी के नेतृत्व बैठक आयोजित की गई। यूनियन ने केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं की ओर आकर्षित किया। प्रमुख मांगों में मातृत्व अवकाश पर एक साल की सेवा शर्त थोपने पर नाराजगी जताई। अध्यक्ष व महासचिव कहा कि मातृत्व अवकाश को एक वर्ष की सेवा से जोड़ना मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 व संशोधन 2017 और संविधान अनुच्छेद 42 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि मातृत्व अवकाश पहले दिन से अधिकार है। महिलाओं पर शर्तें थोपना महिला विरोधी नीति है, इसे तुरंत रद्द किया जाए। आयुष्मान कार्ड के बाद हिम केयर से वंचित करना गंभीर अन्याय है।
गुलाबी देवी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनने के बाद पुराने हिम केयर कार्ड निष्क्रिय हो गए हैं और नए कार्ड बन नहीं रहे, जिससे कई परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। यूनियन सदस्यों ने कहा कि न्यूनतम मानदेय पर काम करने वाली आंगनबाड़ी बहनों को दोनों योजनाओं से बाहर करना अमानवीय व अस्वीकार्य है। तीन माह से लंबित केंद्र का मानदेय तत्काल जारी किया जाए। केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन व महंगाई भत्ता लागू किया जाए।
एप की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त किया जाए, क्योंकि इससे लाखों बच्चे व गर्भवती महिलाएं योजनाओं से वंचित हो रही हैं। मातृत्व अवकाश पहले दिन से लागू किया जाए और 1 वर्ष सेवा शर्त हटाई जाए। आयुष्मान कार्ड बनने के बावजूद परिवार वालों के हिम केयर लाभ बंद न किया जाए। हिम केयर कार्ड की तकनीकी समस्याएं तुरंत दूर की जाएं और सभी प्रभावित परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पांवटा यूनियन की अध्यक्षा ने कहा कि अगर सरकार ने तुरंत सुधार नहीं किए, तो प्रदेशव्यापी संघर्ष होगा।
प्रतिनिधिमंडल में माया देवी, रजनी, रेशम कौर, शकुंतला, पूनम, मंजू, नीरू, रमा, पूनम सहित लगभग दो दर्जन कार्यकर्ता शामिल रहीं।
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