सुरेश तोमर
पांवटा साहिब(सिरमौर)। बार-बार शून्य को निहारती पत्थराई सी आंखें, आंखों से डबडबाते हुए निर्झर बह रहे आंसू। घर में सांत्वना देने पहुंच रहा रिश्तेदारों का तांता। सड़क हादसे में पति को खोने के बाद कभी रोती तो कभी अपने छोटे-छोटे बच्चों को निहारती। फिर रो-रो कर बेसुध होती। कुछ ऐसा ही हाल है, ग्राम गोरखूवाला निवासी सुमन रानी (27) का। विगत सोमवार को हादसे में पति को खोने से जैसे जीवन में दु:खों का पहाड़ ही टूट गया। ह्दय विदारक हादसे ने ताउम्र नहीं भरने वाले जख्म दे दिए।
सड़क हादसे ने ऑटो चालक संजय कुमार के परिवार वालों के जीवन की दशा व दिशा ही बदल दी। सुमन रानी के हंसते खेलते खुशहाल परिवार को न जाने कैसी नजर लगी। परिवार का सबसे मजबूत सहारा एवं जीवन साथी को हमेशा हमेशा के लिए खो दिया।
ग्राम पंचायत पुरुवाला गोरखूवाला की प्रधान सुषमा देवी, कर्म सिंह, पूर्व बीडीसी सदस्य रमेश कुमार, भगवत प्रसाद, निर्मला देवी व जगत राम समेत ग्रामीणों ने बताया कि दर्दनाक सड़क हादसे से एक हंसता खेलता परिवार बिखर गया है। संजय अपने परिवार के साथ गांव में अलग रहता था। मेहनतकश युवा ऑटो चला परिवार का अच्छा गुजर बसर कर रहा था।
पूर्व बीडीसी सदस्य रमेश कुमार ने कहा कि ग्राम गोरखूवाला निवासी संजय कुमार के परिवार में पत्नी सुमन रानी (27), बेटा अश्वनी(6), हर्ष (4) व मात्र ढाई वर्ष की मासूम नन्हीं ऋतिका है। देर रात को सड़क हादसे में संजय कुमार के मौत की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। इसके बाद पूरे पुरुवाला-गोरखूवाला पंचायत क्षेत्र में शोक की लहर है। रिश्तेदार व सैकड़ों ग्रामीण सांत्वना देने पहुंच रहे है। घर में एकमात्र आर्थिक सहारा व कमाने वाले शख्स की हादसे में मौत हो गई। अब, सभी को बेसहारा हुए संजय की पत्नी व अनाथ हुए छोटे-छोटे बच्चों की चिंता सता रही है। संजय कुमार की पत्नी व नन्हें बच्चों को रोते व बिलखता देख हर किसी की आंखें भर आती हैं।