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Sirmour News: लोगों की सुविधा को देखते हुए शहर से बाहर शिफ्ट होगा मेडिकल काॅलेज

Thu, 07 Nov 2024 11:06 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
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-विधायक अजय सोलंकी ने दी जानकारी, मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया मामला
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-कॉलेज के लिए तलाश की जा रही शहर के नजदीक भूमि, मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया मामला

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन व आसपास के क्षेत्रों के लोगों लिए खुश हाेने वाली खबर है। यहां वर्ष 2016 से शहर में चल रहे डॉ. वाईएस परमार मेडिकल काॅलेज नाहन को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना ने रफ्तार पकड़ ली है।

हालांकि पिछले कुछ महीनों से इसको लेकर अटकलें चल रहीं थीं। लेकिन कहीं से इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी। वीरवार को विधायक अजय सोलंकी ने अटकलों पर विराम लगाते हुए इसकी पुष्टि की है। उन्होंने शहर के दो-तीन किलोमीटर के क्षेत्र में ही जमीन तलाशने की बात की है।
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विधायक नाहन अजय सोलंकी ने यशवंत विहार क्षेत्र में हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के शुभारंभ मौके पर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए शहर के आसपास के क्षेत्रों में उचित भूमि की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि शहर में मेडिकल काॅलेज जिस स्थान पर चल रहा है वह बहुत ही छोटा है। उन्होंने कहा कि यहां व्यवस्थाओं की कमी है। हालत यह है कि यहां आने वाले रोगियों को वाहनों के लिए पार्किंग तक नहीं मिलती। इतना ही नहीं इमरजेंसी में आने वाले रोगियों के लिए रास्ते तक की सही व्यवस्था नहीं है।

उन्होंने कहा कि मेडिकल काॅलेज लोगों को मिलने वाली एक बहुत बड़ी सुविधा है। ऐसे में इसका एक कैंपस होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब वह कांग्रेस से जिलाध्यक्ष थे तब से ही उनका सपना रहा है कि शहर से भव्य इमारत वाला मेडिकल कॉलेज बने।

सोलंकी ने कहा कि 2014 से पहले ही तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलामनबी आजाद ने प्रदेश को तीन मेडिकल काॅलेज दिए थे। जिनमें से तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एक मेडिकल काॅलेज नाहन के लिए दिया था। लेकिन जिस तरह से मेडिकल काॅलेज के निर्माण में गति होनी चाहिए थी वह विडंबना है कि नहीं हो पाई। बता दें कि करीब 8 साल बीत गए हैं, लेकिन मेडिकल काॅलेज क अपना भवन नहीं बना पाया है।

आलम यह है कि नए भवन का शुरू किया गया काम करीब 2 साल से बंद पड़ा है और जो भवन मेडिकल कालेज के पास है भी वह भी बहुत छोटा है। जिसके चलते यहां आने वाले रोगियों व तीमारदारों को आए दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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सोलंकी ने बताया कि मेडिकल कालेज के शहर से बाहर शिफ्ट किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष मामला उठाया गया है। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मेडिकल कालेज के लिए भूमि तलाश करने को कहा है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कालेज के लिए शहर के आसपास के क्षेत्र में भूमि की तलाश की जा रही है। भूमि का चयन हो जाने के बाद मेडिकल कालेज का एक भव्य भवन बनेगा। जिससे आने वाले समय में लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
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