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Sirmour News: नाहन में मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे 108 और 102 एंबुलेंस कर्मी

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नाहन में सीटू के बैनर तले प्रदर्शन करते 108 व 102 एंबुलेंस कर्मी। संवाद
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सचित्र-
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चौगान मैदान से लेकर डीसी कार्यालय तक निकाली रोष रैली
स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चा, होमगार्ड, रेडक्राॅस और चालकों को उतारा मैदान में
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले में न्यूनतम वेतन और दूसरी मांगों को लेकर 108 और 102 कर्मचारी यूनियन (संबंधित सीटू) ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की। वीरवार रात 8:00 बजे से ही यूनियन से जुड़े कर्मचारी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहे।
शुक्रवार सुबह 11 बजे 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारी नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने यहां से उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली भी निकाली। रैली में कर्मचारी तख्तियां और बैनर उठाए हुए थे। रोष रैली के दौरान पूरे रास्ते में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
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उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर सभी कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार, 108 और 102 यूनियन के राज्य अध्यक्ष सुनील, जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह, महासचिव विशाल, उपाध्यक्ष शुभम, गुमान, विजय ने कहा कि वह 14 से 15 साल से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आज भी इनको न्यूनतम वेतन नहीं मिलता है। उनसे 12 से 18 घंटे प्रतिदिन काम लेने के बाद कोई ओवरटाइम नहीं दिया जाता है। कई बार कर्मचारी अपनी मांगों को कंपनी, विभाग और सरकार के स्तर पर उठा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। प्रदेश सरकार श्रम कानूनों को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने न्यूनतम वेतन देने के आदेश दिए हैं, बावजूद इसके इन आदेशों को अभी तक लागू नहीं किया जा सका है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी खटारा वाहनों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, कभी किसी वाहन की मरम्मत कार्य हो तो उनका वेतन तक काट लिया जाता है। जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि एंबुलेंस कर्मियों ने कोरोना महामारी के दौरान भी दिन-रात लोगों की सेवा की। इनको सुविधाएं और वेतन के नाम सरकारें पैसे का रोना रोने लगती हैं, जबकि विधायकों और मंत्रियों के वेतन भत्ते बढ़ाते हुए पैसे की कोई कमी नहीं रहती।
उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ सांकेतिक प्रदर्शन किया गया है, यदि उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो यह आंदोलन का भी रूप ले सकता है। प्रदर्शन के बाद यूनियन ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त प्रियंका वर्मा को ज्ञापन भी दिया। इसके माध्यम से उनकी मांगे अविलंब पूरी करने की मांग दोहराई।
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मैदान में उतारे होमगार्ड, रेडक्राॅस और विभागीय कर्मी
प्रदेश समेत जिला में एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में नजर आया। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के मकसद से विभाग ने होमगार्ड, रेडक्राॅस कर्मियों और विभागीय चालकों को एंबुलेंस की डयूटी सौंपी। इसके चलते किसी तरह की परेशानी जिले में देखने को नहीं मिली।
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किसी तरह की नहीं हुई कोई दिक्कत
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप ने कहा कि हड़ताल को देखते हुए विभाग ने होमगार्ड जवानों, रेडक्राॅस कर्मियों समेत विभागीय चालकों को मोर्चे पर तैनात कर रखा था। इसके चलते कोई दिक्कत नहीं हुई। सभी एंबुलेंस सेवाएं सुचारू चलती रही।
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प्रदेश में एक दिन में आए 175 केस
मेडसवान कंपनी के राज्य प्रभारी अशोक वासन ने कहा कि एक दिन में प्रदेशभर में 175 केस सामने आए हैं। सभी केस में एंबुलेंस सेवा प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि सीटू समर्थित कुछ ही 102 और 108 एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर रहे। इससे निपटने के लिए पहले ही व्यवस्थाएं की गईं थीं।
संवाद
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