नाहन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद आशा कार्यकर्ता। संवाद
गर्भावस्था पंजीकरण, प्रसव वितरण और टीकाकरण के बारे में बताया
डॉ. छवि बंसल और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अलीशा ने दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने की दिशा में आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्वास्थ्य खंड धगेड़ा की ओर से आशा कार्यकर्ताओं को भारत सरकार के प्रजनन और बाल स्वास्थ्य 2.0 (आरसीएच 2.0) पोर्टल पर डेटा एंट्री की जानकारी दी जा रही है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनीषा अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को नाहन में तीसरे चरण में डॉ. छवि बंसल और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अलीशा की ओर से 40 आशा कार्यकर्ता को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान गर्भावस्था पंजीकरण, प्रसव विवरण, नवजात व बच्चों के टीकाकरण, हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग के बारे में विस्तार से बताया गया।
उन्होंने ने कहा कि आरसीएच 2.0 एक उन्नत और नाम-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से महिलाओं और बच्चों के पूरे स्वास्थ्य चक्र को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड और मॉनिटर किया जा रहा है। इसके तहत जननी सुरक्षा योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के भुगतान को ई-केवाइसी से जोड़ा गया है, जिससे लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से वित्तीय सहायता मिल सके।
इस दौरान आशा कार्यकर्ता को लोगों की आभा आईडी और मोबाइल से लिंक करवाने को लेकर जागरूक करने के लिए भी कहा गया। संवाद