नाहन (सिरमौर)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर आरके चौधरी की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के आरोपी राजेश उर्फ छोटू पुत्र परमाराम निवासी पबेच (राजगढ़) को दोषी करार देते हुए चार वर्ष छह महीने के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा भारतीय सशस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत दोषी को छह माह का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई है।
अदालत ने भादंसं की धारा 302 में आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी किया है। सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला न्यायावादी बीएन शांडिल ने की। जिला न्यायवादी बीएन शांडिल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि निशा कुमारी निवासी पबेच (राजगढ़) ने 26 मार्च 2017 को थाना राजगढ़ में शिकायत दर्ज करवाई कि 25 मार्च 2017 की शाम को उसका पुत्र संजय दत्त उर्फ सन्नू घर पर नहीं था।
निशा के पति सहीराम ने करीब छह बजे आरोपी राजेश उर्फ छोटू को उसके मोबाइल पर फोन किया और पूछा कि मेरा लड़का तुम्हारे साथ है। राजेश ने कहा मेरे साथ तुम्हारा लड़का नहीं है। शाम को साढ़े सात बजे जब घर के सब सदस्य खाना खा रहे थे तब आरोपी राजेश घर पर पहुंचा और उसके पति को आंगन में बुलाकर बहसबाजी करने लगा। कहने लगा कि अपने बच्चों को संभालकर रखा करो। इस बीच आरोपी राजेश ने गुस्से में आकर निशा के पति सहीराम के ऊपर बंदूक से गोली चला दी, जो बाईं जांघ में लगी। इस दौरान घायल हुए निशा के पति की इलाज करते समय अस्पताल में मृत्यु हो गई थी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की और तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया। अदालत ने तमाम साक्ष्यों व दलीलों के आधार पर बुधवार को दोषी को उपरोक्त सजा सुनाई है।