नाहन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर के शिक्षा महकमे में एक दर्जन से अधिक स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं। हालांकि, शिक्षा विभाग की ओर से गठित कमेटी ने ऐसे स्कूलों को असुरक्षित घोषित कर दिया है लेकिन कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां कमरों की हालत खस्ताहाल होती जा रही है। ऐसे में हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है।
बाड़थल मधाना स्कूल के कमरों में लंबे समय से दरारें आ चुकी हैं। जिन स्कूल के कमरों को असुरक्षित घोषित किया है वहां अभी इन्हें गिराने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। बता दें कि हाल ही में धारटीधार इलाके के भरोग बनेड़ी स्कूल में फुटब्रिज टूटने से जमा एक कक्षा के पांच छात्र घायल हो गए थे। हाल ही में मेडिकल कॉलेज नाहन से गंभीर रूप से जख्मी दो छात्रों को छुट्टी दी गई है।
यह फुट ब्रिज महज 15-17 साल पुराना था फिर भी अचानक ध्वस्त हो गया। इस मामले में उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से भी रिपोर्ट तलब की है जिसमें पता लगाया जा रहा है कि फुटब्रिज का निर्माण किसने किया था। फिलहाल, स्कूलों में असुरक्षित भवन को लेकर विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। उच्च शिक्षा विभाग के तहत आने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बोगधार, अपरों, गोरखूवाला, कन्या स्कूल सराहां और बडग़, जबकि, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक स्कूल कोटीबौंच, प्राथमिक पाठशाला डूंगी, बांदल, जीपीएस गवाना, शिरली, पालू, खाला क्यार, मानवा खनीवर एवं कलोह स्कूल शामिल हैं। उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक कर्मचंद ने बताया कि असुरक्षित किए भवनों में बच्चों को बैठाना बंद किया गया है। ऐसे कमरों की तरफ जाने पर पूर्णतया रोक है। ऐसे स्कूलों में बच्चों को बैठाने की वैकल्पिक व्यवस्था है।
वहीं, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक दयाराम ने बताया कि जिले में नौ स्कूलों को असुरक्षित घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग इसकी रिपोर्ट तैयार करेगा। बुक वैल्यू निकाली जाएगी। कितना पैसा गिराने में खर्च होगा, इसकी नीलामी होगी। गिराए गए भवन से कितना मैटेरियल निकलेगा। इन सब बातों का ध्यान रखा जाता है। इस संदर्भ में आगामी कार्रवाई की जा रही है।