-सीटू से संबद्ध संघ ने अधिसूचना में संशोधन और सात माह का बकाया जारी करने की मांग उठाई
-कार्यकर्ताओं का आरोप- बजट में घोषणा अप्रैल से, लाभ देने की तिथि एक नवंबर तय की
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने मानदेय वृद्धि की प्रभावी तिथि को लेकर शिलाई में प्रदर्शन किया। सीटू के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने प्रदेश सरकार की ओर से 22 अक्तूबर को जारी अधिसूचना पर रोष जताया। संघ ने मानदेय में घोषित 1000 रुपये की वृद्धि को अप्रैल 2026 से बकाया सहित लागू करने की मांग की।
संघ की प्रोजेक्ट अध्यक्ष अनिता और महासचिव चंद्रकला ने कहा कि सरकार ने बजट सत्र में मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अब इसका लाभ एक नवंबर से देने का फैसला किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वृद्धि की घोषणा अप्रैल से की गई थी, तो कार्यकर्ताओं को उस अवधि का बकाया क्यों नहीं दिया जा रहा है।
संघ के अनुसार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की 22 अक्तूबर की अधिसूचना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 से बढ़ाकर 11,500 रुपये और सहायिकाओं का 5,800 से बढ़ाकर 6,800 रुपये किया गया है। हालांकि, इसे एक नवंबर से लागू करने पर संघ ने आपत्ति जताई है।
जिला अध्यक्ष नीलम सहित अन्य नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों को घोषणाओं के बजाय उनका पूरा आर्थिक हक मिलना चाहिए। उन्होंने अधिसूचना में संशोधन कर अप्रैल 2026 को प्रभावी तिथि तय करने और अप्रैल से 31 अक्तूबर तक का बकाया जारी करने की मांग की।
प्रदर्शन में सीता, बीजो, रुमा, सुनीता, मस्तो और सीमा सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संघ ने स्पष्ट किया कि मानदेय वृद्धि अप्रैल से लागू करने, सात माह का बकाया देने और संशोधित अधिसूचना जारी करने की मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।-