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बसें हैं नहीं और आदेश साढ़े सात बजे स्कूल पहुंचने के

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिलाई (सिरमौर)। जिला प्रशासन ने गर्मी की तपिश को देखते हुए भले ही सरकारी व निजी स्कूलों को सुबह साढ़े सात बजे शुरू करने के आदेश दिए हैं लेकिन यह आदेश ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के गले की फांस बन गए हैं।
बता दें कि गिरिपार क्षेत्र में अधिकतर रूटों पर सुबह बसें ही नहीं है। लिहाजा, बच्चे पैदल ही स्कूल के लिए रवाना हो रहे हैं। साढ़े सात बजे स्कूल पहुंचने के लिए कुछ बच्चे तो सुबह पांच बजे ही घर से चल पड़ते हैं। जबकि कुछ ऐसे भी हैं जो देरी से ही स्कूल पहुंच पाते हैं।
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लोगों का कहना है कि प्रशासन ने आदेश तो जारी कर दिए लेकिन इस बात का ध्यान नहीं रखा कि रूटों पर सुबह के समय बसें भी हैं या नहीं। विद्यार्थियों व अभिभावकों को हो रही दिक्कतों के मद्देनजर मिल्लाह पंचायत के मॉडल स्कूल बड़वा की स्कूल प्रबंधन समिति की एक बैठक वीरवार को हुई जिसमें समिति ने स्कूलों का समय बदलकर फिर से पहले की तरह करने की गुहार लगाई।
बैठक में उपस्थित स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रमेश चंद चौहान, सदस्य सुरेश ठाकुर, रेखा देवी, निर्मला देवी, बिमला देवी, इंदिरा देवी, कमला देवी, कुंदन सिंह, जगदीश शर्मा व चानन सिंह ने बताया कि पंचायत के गांव भींगड़ू, चीमु, कथ्याड़, आवत, भेडाल, गनाली, लांबिधार, बड़वा, पाब, बुगलाड़ी, घटोल, चंकोली स्कूल से बहुत अधिक दूरी पर स्थित हैं। बच्चों का इन गांवों से सुबह 9 बजे तक पहुंचना भी नामुमकिन है। सुबह साढ़े सात बजे स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को सुबह पांच बजे ही घर से निकलना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अनुकूल रहता है। गर्मियों में यहां असर नहीं पड़ता है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि वह पहाड़ी गिरिपार क्षेत्र में स्कूलों की समय सारिणी पहले की तरह ही रखे। स्कूल प्रबंधन समिति ने जिला प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्या को देखते हुए अविलंब समय सारिणी में पहले की तरह बदलाव किया जाए।
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