अमर उजाला ब्यूरो
सिरमौर टीम
आंगनबाड़ी कर्मचारी के हड़ताल पर जाने से जनपद सिरमौर के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटके रहे। हड़ताल के चलते केंद्र नौनिहालों से खाली हो गए। इक्का दुक्का केंद्रों में ही वीरवार को नौनिहाल केंद्र पहुंचे थे, जहां पोषाहार की व्यवस्था पहले जैसी ही उपलब्ध हुई।
नाहन के अलावा पांवटा साहिब, शिलाई, संगड़ाह व राजगढ़ उपमंडलों के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर न तो कार्यकर्ता नजर आईं और न ही सहायिका। आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले जड़े हुए थे। कुछेक वृत्तों के आंगनबाड़ियों को छोड़कर तकरीबन सभी केंद्र बंद रहे।
नाहन शहर के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले देखे गए। शिलाई विकासखंड की पंचायतों के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहे। इसके कारण आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को वापस लौटना पड़ा।
आंगनबाड़ी कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी व अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने से केंद्रों पर नौनिहालों को सुविधाएं नहीं मिल पाईं। बाल विकास परियोजना के अंतर्गत शिलाई पंचायत के सभी आंगनबाड़ी केंद्र शिलाई -1, हरिजन बस्ती थापला, शिलाई गांव, उपरला मोहल्ला, निचला मोहल्ला, हरिजन बस्ती, चियाना, अच्छोटी, पधियाट आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। बाल विकास परियोजना की पर्यवेक्षिका निर्मल शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि 29 ग्राम पंचायतों के 228 केंद्र बंद रहे।
उधर, सीडीपीओ पांवटा के अंतर्गत 18 आंगनबाड़ी वृत्त में 430 आंगनबाड़ी केंद्र और दो मिनी आंगनबाड़ी पड़ते हैं लेकिन शिमला हड़ताल के कारण राजपुर और कमरऊ को छोड़कर बाकि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले लटके रहे। संगड़ाह में 238 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे।
सीडीपीओ प्रवीण ने बताया कि हड़ताल का व्यापक असर रहा। पच्छाद इलाके में 162 केंद्रों पर भी यही स्थिति रही। वीरवार को आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने की सूचना पहले ही नौनिहालों व उनके अभिभावकों को दे दे गई थी। इसके अलावा पांवटा साहिब व राजगढ़ इलाके का भी यही हाल रहा।
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