हीलिंग पृथ्वी एनजीओ ने चलाया जागरूकता अभियान
इलेक्ट्रॉनिक कचरे से पर्यावरण और स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान बताए
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। अंतरराष्ट्रीय ई-वेस्ट जागरूकता दिवस पर हीलिंग पृथ्वी एनजीओ ने पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पांवटा साहिब और विद्यापीठ वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय केदारपुर में जागरूकता सत्र आयोजित किए। इनमें करीब 200 विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित प्रबंधन की शपथ ली।
विद्यार्थियों को पुराने मोबाइल, चार्जर, ईयरफोन, बैटरी, केबल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सामान्य कचरे में फेंकने के बजाय अलग एकत्र कर अधिकृत रीसाइक्लिंग व्यवस्था तक पहुंचाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि ई-वेस्ट को खुले में फेंकने, जलाने या अनुचित तरीके से तोड़ने से हानिकारक पदार्थ पर्यावरण में फैल सकते हैं। इससे मिट्टी, पानी और हवा प्रदूषित होने के साथ मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इन पदार्थों के संपर्क में आने से मस्तिष्क, तंत्रिका तंत्र और गुर्दों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। उचित रीसाइक्लिंग से पुराने उपकरणों से सोना, चांदी और तांबा जैसी मूल्यवान धातुएं भी दोबारा प्राप्त की जा सकती हैं।
पीएमश्री स्कूल में उपप्रधानाचार्य कांता शर्मा, ईको क्लब प्रभारी विनय तोमर और वंदना चौधरी मौजूद रहीं। वहीं, विद्यापीठ स्कूल में निदेशक एनएम वर्मा, अध्यक्ष कपिल वर्मा, प्रधानाचार्या रेनू वर्मा, समन्वयक अभिनव भास्कर और मनीषा देवी ने सहयोग दिया। हीलिंग पृथ्वी की अध्यक्ष नरिंदर कौर सैनी ने विद्यार्थियों से जागरूकता का संदेश परिवार और समुदाय तक पहुंचाने की अपील की। संस्था की सचिव स्मृति वर्मा ने बताया कि ‘हिम वेस्ट बैंक’ के माध्यम से लोगों को ई-वेस्ट संग्रहण से जोड़ने की पहल की जा रही है, ताकि पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उचित निपटान सुनिश्चित किया जा सके।
हीलिंग पृथ्वी फाउंडेशन एनजीओ द्वारा पांवटा साहिब के स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित। संवाद