नाहन (सिरमौर)।
कोटला मोलर पंचायत के ग्रामीणों ने स्थानीय डिपो संचालक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि डिपो संचालक की मनमानी की वजह से उनको सस्ते राशन के लिए भी धक्के खाने पड़े रहे हैं। डिपो संचालक के खिलाफ शिकायत को लेकर कोटला मोलर पंचायत के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को उपायुक्त सिरमौर ललित जैन से मिला।
ग्रामीणों ने उपायुक्त को डिपो संचालक के खिलाफ ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि कोटला मोलर पंचायत के मोलरघाट में 1982 से उचित मूल्य की दुकान चल रही है। अब इस दुकान को डिपो संचालक ने मर्जी से तीन किमी दूर स्थानांतरित कर दिया है। आरोप है कि मोलरघाट की दुकान होने के बावजूद राशन को कोटला में उतारा जा रहा है। इस माह का राशन भी ग्रामीणों को वहीं से बांटा जा रहा है। लिहाजा, सड़क सुविधा से दूर सैकड़ों ग्रामीणों को राशन लेने के लिए कोटला के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल ग्रामीणों कांत शर्मा, धर्मपाल, बाबूराम, मोहन सिंह, विक्रम और राजेंद्र आदि ने बताया कि बगड़ पंचायत के कई उपभोक्ता भी इस डिपो से जुड़े हैं। मोलरघाट में चल रहा डिपो कोटला मोलर के साथ-साथ बगड़ पंचायत के कुछ उपभोक्ताओं के लिए भी केंद्र बिंदु है। उन्होंने बताया कि डिपो संचालक उचित मूल्य की दुकान को कोटला स्थानांतरित करने से मोलर गांव के लोगों सहित बानाकोटी, चकराल, खड़की पटियार, चनोयग, चुनखर, डडग, कुनिया, जाईचा, मझाई, भरायण, संदडाह और कागू गांव के सैकड़ों उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की कि इस संदर्भ में कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्हें राशन की आपूर्ति मोलरघाट से ही करने के निर्देश जारी किए जाएं। ताकि, उपभोक्ताओं को पहले जैसी सुविधा मिल सके।