रविवार शाम पांच बजे पुलिस ने दबिश देकर बच्चे सुरक्षित बरामद कर लिए हैं। आरोपी और बच्चों को लेकर पुलिस देर शाम शिमला पहुंची। पुलिस ने आरोपी के घर से रिवाॅल्वर, धारदार हथियार चाॅपर, मास्क, टेप और सिम बरामद किए हैं। आरोपी का मोबाइल और वाहन भी कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी खुद भी बीसीएस स्कूल में पढ़ा है। उसके शेयर मार्केट में लगाए 50 लाख रुपये डूब चुके हैं। पुलिस छानबीन कर रही है कि आरोपी ने छात्रों का अपहरण क्यों किया था व कितने समय से वह वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। इस वारदात में और कितने लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है। न्यू शिमला पुलिस स्टेशन में मामले को लेकर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137 (बी) के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। छठी कक्षा के बच्चों को बीसीएस से शिमला के मालरोड व रिज मैदान पर बिना किसी शिक्षक या कर्मी के भेजने पर उनकी सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
बच्चों को धमकाकर ले लिए फोन नंबर, फिर किए काॅल
सूत्रों के अनुसार आरोपी ने तीनों बच्चों को धमकाकर उनसे परिजनों के मोबाइल नंबर लिए और उनको फिरौती के लिए कॉल किए। करनाल के छात्र के परिजनों को फोन किया था। बंजार के छात्र के परिजनों को भी कॉल आई थी। हालांकि फिरौती के पैसे के लिए दोबारा कॉल करने को कहा गया था। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस अपने चचेरे भाई की तलाश में कोटखाई पहुंच गए थे। करनाल निवासी दूसरे छात्र के पिता का देहांत हो गया है। वह अपने चाचा के साथ रहता है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लापता छात्रों को बरामद कर लिया है। पुलिस ने दक्षता और टीम वर्क से 24 घंटों के भीतर लापता छात्रों को ढूंढ निकाला। एसएसपी और पूरी शिमला पुलिस टीम को उनकी मेहनत के लिए बधाई। - अशोक तिवारी, डीजीपी
बीसीएस के तीनों छात्रों का फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। परिजनों को कैलिफोर्निया के वर्चुअल नंबरों से फोन किए थे। पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित बरामद किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। - संजीव गांधी, एसएसपी शिमला