राजधानी से सटे शिमला ग्रामीण के हलोग धामी में दिवाली के दूसरे दिन होने वाले पत्थर के खेल की पौराणिक देव परंपरा के पत्थर के खेल का आयोजन किया गया। धामी में खेल का चौरा नामक स्थान पर घाटी के दोनों ओर से जमोगी और कटेड़ू टोलियों के बीच जमकर पत्थरों की बरसात हुई। इस बार करीब पौना घंटा तक लगातार दोनों टोलियों की ओर से पत्थर मारे गए। चार बजे से लेकर 4:40 तक हुए इस खेल में कटेड़ू टोली के सुभाष के हाथ में पत्थर लगा। उसके खून से परंपरा के अनुसार खेल का चौरा में स्थित मां भद्रकाली के मंदिर में तिलक कर पत्थर का खेल समपन्न हुआ। पत्थर लगने पर मौजूद सैकड़ों लोग ढोल नगाड़ों की थाप पर एक साथ थिरकते रहे।