पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए निगम ने इस साल 5000 पौधे लगाने की घोषणा की है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं यह पौधे लगाएंगी। इनके रखरखाव के एवज में निगम आर्थिक मदद भी इन्हें देगा। शहर में पांच पोट्रेबल टॉयलेट भी तैयार किए जाएंगे। अनाडेल के ग्लैन में प्राकृतिक पगडंडियां विकसित की जाएंगी। डायर्टन में ट्रेल पार्क और मैदान बनाया जाएगा। प्रदूषण कम करने के लिए निगम कचरा ढोने के लिए इलेक्टि्रक वाहन खरीदेगा। शहर में ई वेस्ट कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। निगम नवीकरण ऊर्जा का इस्तेमाल भी बढ़ाएगा।
आपदा : तैयार होंगे अर्ली वार्निंग सिस्टम, सोलर प्लांट लगेगा
भूस्खलन जैसी आपदा से निपटने के लिए शहर में अर्ली वार्निंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे। निगम सिटी इकॉलोजी मॉनिटर टूल भी बनाएगा जिसमें शहर की हवा की गुणवत्ता, जमीन की मजबूती, पानी, ग्रीन स्पेस आदि की निगरानी होगी। शहर के कृष्णानगर से इसकी पायलट आधार पर शुरुआत की जाएगी। भरयाल में 500 किलोवॉट क्षमता वाला सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित किया जाएगा।
महिलाओं को सौगात : पिंक टॉयलेट बनेंगे, हाट सुविधा मिलेगी
शहर में महिलाओं के लिए 25 पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने के लिए निगम मंथली हाट की सुविधा देगा। रिज के पदमदेव परिसर या अन्य जगह निगम स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को महीने में एक दिन अपने उत्पाद बेचने के लिए जगह यानि मंथली हाट उपलब्ध करवाएगा। इसके अलावा विधवा महिलाओं और विकलांगों के लिए नगर निगम अपनी पार्किंग या दुकानों के आवंटन में भी प्राथमिकता देगा। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद के लिए निगम उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग आदि की ट्रेनिंग भी देगा। स्माइल बैगर योजना के तहत शहर में रह रहे भिखारियों को पुनर्वास में मदद दी जाएगी। निगम इन्हें ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवाएगा।