अभियंता ने ही तुड़वाया था अवैध निर्माण
मस्जिद के साथ लगते परिसर में अवैध निर्माण कर शौचालय तैयार किए गए थे। कनिष्ठ अभियंता की अगुवाई वाली टीम ने ही जून में यहां तीन शौचालय तुड़वाए थे। हालांकि, उस दौरान यह मामला इतना चर्चा में नहीं था।
सात साल में दो से पांच मंजिला बनी मस्जिद
नगर निगम के अनुसार साल 2009 में मस्जिद परिसर में अवैध निर्माण को लेकर पहली बार शिकायतें मिली थी। निगम ने काम रोकने का नोटिस जारी करने के बाद साल 2010 में इस पर सुनवाई शुरू की। हालांकि, मस्जिद कमेटी के पूर्व प्रधान के अनुसार साल 2012 तक मौके पर दो मंजिला कच्ची मस्जिद खड़ी थी। इसके बाद अगले सात साल यानि साल 2019 तक यह पांच मंजिला बन गई। यह निर्माण किसने किया, इसे लेकर पूर्व प्रधान से लेकर वक्फ बोर्ड अनजान है। निगम प्रशासन के अनुसार इस निर्माण की कोई अनुमति नहीं ली गई। साल 2012 में मस्जिद का जो नक्शा पास करने के लिए दिया गया था, उसमें खामियां थी और उसे लौटा दिया गया था, लेकिन दोबारा न नक्शे का आवेदन हुआ और न ही निर्माण संबंधी अनुमति ली गई। अब तक इस मामले में 45 पेशियां हो चुकी हैं।